OPINION: योगी सरकार की ऐसी पहल जिसने ग्रामीण महिलाओं की बदली तस्वीर, जमकर हो रही कमाई

उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार कई अहम कदम उठा रही है। गांव-गांव में महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। सकार ने बिजली सखी की योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत बिजली सखी के तौर पर महिलाएं बिजली का बिल संग्रह करने के सेवा प्रदान करती थीं।

इस पहल से गांव में बिजली का बिल जमा करने के लिए लंबी-लंबी कतारों से मुक्ति मिली। यही नहीं महिलाओं को तकरीबन 50 हजार रुपए का कमीशन तक मिला था, जिससे महिलाओं को अपना परिवार चलाने में मदद मिलती थी।

yogi adityanath

ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना
अब प्रदेश में महिलाएं उत्तर प्रदेश सरकार की एक नई पहल के तहत एक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई 'बिजली सखी' की भूमिका सफल 'बैंकिंग सखी' योजना के मॉडल पर आधारित है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। अपनी यात्रा को साझा करते हुए बाराबंकी के रामनगर के सिलौटा गांव की राजश्री ने कहा, वर्ष 2020 में हमने एसआरएलएम (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) योजनाओं के तहत बैंक से 30,000 रुपये प्राप्त करने के बाद राधा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बिजली बिल एकत्र करना शुरू किया।

हमने लोगों को अपनी सेवाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में बताने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया। इस काम से मुझे अपने समुदाय में सम्मान मिला और अब कई महिलाएं अपने बिलों के लिए मेरी मदद लेती हैं।"

खूब कमाई

जुलाई 2024 में राजश्री ने 81,900 रुपये का कमीशन कमाया और राज्य में शीर्ष दस प्रदर्शन करने वालों में स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से उनके परिवार की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उनकी सफलता की कहानी ग्रामीण समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसी पहलों की क्षमता को उजागर करती है।

मिशन निदेशक दीप रंजन ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार का यह अभिनव प्रयास एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मीटर रीडिंग और बिजली बिल संग्रह में महिलाओं को शामिल करके, इन 'बिजली सखियों' ने 1,120 करोड़ रुपये के बिजली बिल वसूले हैं और कुल 14.6 करोड़ रुपये कमीशन अर्जित किया है।"

सीएम योगी की पहल

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत स्वयं सहायता समूहों को सभी जिलों में नागरिकों से उनके घरों पर जाकर बिल एकत्र करने की अनुमति दी गई है।

30 हजार बिजली सखियों का चयन

दीप रंजन ने आगे बताया कि अब तक 30,000 से ज़्यादा बिजली सखियों का चयन किया जा चुका है, जिनमें से 10,500 से ज़्यादा पूरे राज्य में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

ग्रामीण इलाकों में बिजली सखियों को 2,000 रुपये तक के बिल पर 20 रुपये और 2,000 रुपये से ज़्यादा के बिल पर 1% कमीशन मिलता है। शहरी इलाकों में उन्हें 3,000 रुपये तक के बिल पर 12 रुपये और इससे ज़्यादा की राशि पर 0.4% कमीशन मिलता है।

इस पहल से न केवल महिलाएं सशक्त हुई हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण समुदायों में भी महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आए हैं। राजश्री गर्व से कहती हैं कि इस काम से मुझे अपने समुदाय में सम्मान मिला।

अब कई महिलाएं अपने बिलों के लिए मदद के लिए मेरे पास आती हैं। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि कैसे लक्षित सरकारी पहल व्यक्तियों और समुदायों को समान रूप से ऊपर उठा सकती है।

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