प्रयागराज महाकुंभ 2025 की तैयारियों में जुटी योगी सरकार, जानिए क्या है पूरी प्लानिंग
लखनऊ, 16 जून: उत्तर प्रदेश का प्रयागराज एक धार्मिक शहर है। यहां 2025 में महाकुंभ होना है। योगी सरकार ने जिस तरह कुंभ की ब्रांडिंग की थी उसका डंका पूरी दुनिया में बजा था। ठीक उसी तरह अब 2025 में होने वाले महाकुंभ को लेकर तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का दावा है कि प्रयागराज को चमकाने में कोइ कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सभी प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। दरअसल कुंभ-2019 के दौरान शहर में एक बार फिर से बड़े चौराहों की सूरत बदल सकती है। इन चौराहों के साथ ही प्रयागराज में एक आउटर रिंग रोड की तैयारी चल रही है जिससे बाहर से आने वाली भीड़ को शहर की बजाए सीधे मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जा सके।

कुंभ की तरह ही महाकुंभ में बदलेगी शहर की तस्वीर
संभाग के आयुक्त संजय गोयल ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है जो सभी प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण का अध्ययन करेगी। नतीजतन, कुंभ-2019 के दौरान शहर में एक बार फिर से बड़े चौराहों की सूरत बदल सकती है। कुंभ-2025 की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक हुई. बैठक में संभागायुक्त ने पीडीए वीसी को हर्षवर्धन क्रॉसिंग, मेडिकल कॉलेज क्रॉसिंग और आईईआरटी क्रॉसिंग जैसे प्रमुख चौराहों का अध्ययन करने के निर्देश दिए।
महाकुंभ को लेकर अभी से एक्शन मोड में आए अफसर
संभागीय आयुक्त की मोन तो इन चौराहों पर मेलों के दौरान सबसे अधिक भीड़ होती है और इन्हें इस तरह से पुनर्निर्मित करने की आवश्यकता है कि कुंभ -2025 के दौरान नहाने के दिनों में भी भीड़भाड़ के दबाव के बिना यातायात का सुचारू प्रवाह हो। "जिस समिति का गठन किया गया है उसमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, यूपी राज्य पुल निगम और लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित सभी विभागों के अधिकारी होंगे। टीम की रिपोर्ट एक महीने में दी जाएगी जिसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।"
महाकुंभ 2025 से पहले डिजिटल संग्रहालय की स्थापना
इसके साथ ही माघ मेले के दौरान भीड़ का अनुमान लगाकर पार्किंग की भी व्यवस्था की जाएगी। इस बीच, एक कुंभ डिजिटल संग्रहालय स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई और अधिकारियों ने संकल्प लिया कि इसे महाकुंभ -2025 के लिए भी स्थापित किया जाना चाहिए। यह संग्रहालय नैनी में त्रिवेणी पुश की ओर बनाया जाएगा। कर्जन ब्रिज के नाम से मशहूर गंगा पर 117 साल पुराने दो मंजिला रेल-रोड फाफामऊ पुल को गंगा संग्रहालय में बदलने का प्रस्ताव भी सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है। संभागायुक्त ने कहा कि इस पर भी आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महाकुंभ को लेकर पीडीए तैयार कर रहा विस्तृत कार्ययोजना
महाकुंभ -2025 के लिए अन्य पहल, जिसमें पर्यटकों के लिए द्वादश माधव सर्किट विकसित करना, 12 प्रमुख माधव मंदिरों को शामिल करना, प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों के पास विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस पर पर्यटन विभाग, पीडीए और नगर निगम को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ललिता देवी मंदिर और तक्ष पीठ की ओर जाने वाली सड़कों को चौड़ा करने का प्रस्ताव मांगा गया है। सिविल लाइंस में ऑल सेंट्स कैथेड्रल के पास सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है और बेहतर ठोस एवं गैर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार करने की भी योजना बनाई जा रही है।












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