यूपी के विधायकों को योगी ने दिए काम करने के 'अचूक मंत्र'
उत्तर प्रदेश में विधायको को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी पर परमात्मा की अपार कृपा है, विधायिका सबसे अधिक जवाबदेह है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र में समय की बाध्यता अति महत्वपूर्ण है, जनता के अनुरूप काम करने में हम सफल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता बहुत जरूरी है, प्रदेश की तस्वीर और तकदीर को बदलने में समय नहीं लगेगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में विधायिका का अपना महत्व है, हम संसदीय लोकतंत्र में विधायिका की भूमिका को नकार नहीं सकते हैं।


विश्वसनीयत को बनाए रखना बड़ी चुनौती
संसदीय मंच पर आपके द्वारा कही बात बहुत अहम रखती है, आपके क्षेत्र में कोई घटना हो तो डीएम या एसपी जाए या ना जाए आप जरूर जाएंगे। कोई गरीब व्यक्ति आपके पास आए तो आपको अपने खर्चे से पैसा काटकर उसे सहयोग करना है। आप हर संकट में खड़े हो रहे हैं, सर्दी, गर्मी, बरसात देखे बगैर आप अपनी उपस्थिति को दर्ज कराते हैं। इसके बाद भी आपको जवाबदेह नहीं माना जाता है, ऐसा क्यों है इसपर सोचने की जरूरत है। सदन में हमारी अनुपस्थिति भी इसका एक कारण है, सदन में आपकी मर्यादा और जनप्रतिनिधियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी एक कारण है। गंदगी एक व्यक्ति फैलाता है लेकिन बदनाम पूरी संस्था होती है, कैसे हम अपनी विश्वसनीयता को बना सके इसके हमें प्रयास करने चाहिए।

यूपी विधानसभा को आदर्श बनाना है
लोकसभा में बतौर सांसद रहते हुए अपने अनुभवों को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं संसद सत्र के दौरान अपने सवाल खुद बनाता था, हमने संसद में तमाम चीजों को तीन-चार दिन में सीख लिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और मर्यादित तरीके से नियम के तहत अपनी बात रखना काफी प्रभावकारी होता है और उसकी सुनवाई जल्द होती है, हमें वेल में जाने और शोर मचाने से बचना चाहिए। हम चाहते हैं कि यूपी की विधानसभा देश की विधानसभाओं के लिए आदर्श बनाना चाहते हैं। पिछले समय यह सदन सिर्फ 20-25 दिन चलता था, लेकिन जिस दिन हम 90 दिन विधानसभा को चला सके तो यह बड़ी उपलब्धि होगी, ऐसा होने पर किसी भी तहसील में कोई गड़बड़ी नहीं हो पाएगी, क्योंकि लोगों को पता है कि उनका विधायक उनकी बात को रखेगा।

यूपी पर प्रकृति और परमात्मा की कृपा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने चुनाव में जो भी कहा हो लेकिन हम किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देंगे, किसी को भी कानून हाथ में लेने की छूट नहीं होगी। विकास की योजनाओं में किसी भी तरह का कोई भी भेदभाव नहीं किया जाएगा, ऐसा अवसर तब आएगा जब आप विधानसभा में आएं और अपनी बात को रखे। विधानसभा को चलाना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यह कार्यक्रम पांच मिनट पहले शुरु हुआ यह अच्छी बात है कि हम समय से पहले चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के विकास के लिए बहुत कुछ करना है, यूपी की आबादी इतनी है कि पूरा यूरोप यहां समा जाएगा। अगर आचरण बदल जाए तो यूपी की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा। यूपी में बहुत संभावनाएं हैं, प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा है।

सबसे ज्यादा जवाबदेह होती है विधायिका
सदन लोकतंत्र की आधारशिला के साथ अपने व्यक्तित्व की भी परिचायक है, जहां संभावनाएं हैं वहीं उम्मीद है। सदन अपने आपको सुधारने का मंच है, आपके द्वारा कही बात आगे आने वाली कई पीढ़ियों का मार्गदर्शन कर सकती है। नौकरशाह, जज और सेना का प्रमुख भी चाहता है कि वह सांसद बन जाए। विधायिका के सामने विश्वसनीयता का संकट है, सबसे जवाबदेय विधायिका होती है, हम पांच साल बाद जनता के बीच जाते हैं और जनता को हमें नकारने का अधिकार होता है, ऐसे में विधायिका सबसे ज्यादा जवाबदेह होती है। क्या आप उम्मीद करते हैं कि अगर न्यायाधीश को एक बार बना दें तो वह पांच साल बाद फिर से जनता के बीच जाएगा।












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