आरएसएस पर उंगली उठाने वाले सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे- योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरएसएस पर सवाल उठाने वाले सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन तमाम लोगों को निशाने पर लिया है जो राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर सवाल खड़ा करते हैं। आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग आरएसएस पर उंगली उठाते हैं वह लोग सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। लखनऊ में सुहेलदेव विजयोत्सव कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यंत्री ने कहा कि लोग इतिहास को अपने फायदे के हिसाब से इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों ने इतिहास को भुला दिया है, देश में विदेशियों का हमला तेज हुआ है, हम जब भी अपने इतिहास को भूलाएंगे तो समाज को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज सुहेलदेव को इतिहास में जो जगह मिलनी चाहिए थी वह लोगों ने नहीं दी। शरारत के तहत ऐसे महापुरुषों को नजरअंदाज किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरएसएस निस्वार्थ भाव से काम करती है, यह लोगों के भीतर राष्ट्रीयता की भावना को पैदा करती है, जब आरएसएस मलिन बस्तियों में काम करती है तो लोग उंगली उठाते हैं कि यह सांप्रदायिक है। आदित्यनाथ ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस बात पर चर्चा हो कि कौन सांप्रदायिक है और कौन राष्ट्रवादी। जो देश को कन्याकुमारी से कश्मीर तक राष्ट्र के तौर पर देखते हैं उन्हें सांप्रदायिक कहा जाता है जबकि जो लोग उन्हें बांटने का काम करते हैं वह मानवतावादी।मुख्यमंत्री ने कहा कि अशफाक उल्ला खां, डॉ अब्दुल कलाम, अब्दुल हमीद का हर कोई सम्मान करता है, लेकिन जो लोग बाबर, गोरी जैसों के साथ अपना संबंध जोड़ते हैं उनका स्थान कहां होना चाहिए यह सोचना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत सरकार ने यह फैसला लिया है कि वह इन तमाम महापुरुषों को फिर से पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। हम जबतक बच्चों को यह नहीं बताएंगे कि कौन हमारे महापुरुष हैं तो उन्हें कैसे पता चलेगा उनके बारे में। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया, जिन लोगों ने यह शरारत की है उन्हें लोगों के सामने लाने की जरूरत है।












Click it and Unblock the Notifications