योगी सरकार ने किसान का महज 3 रुपया कर्जा किया माफ, बना मजाक!

इटावा। उत्तर प्रदेश सरकार की फसल ऋण मोचन योजना कर्जदार किसानों के लिए मजाक का सबब बन गई है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में जिस तरह का घालमेल सामने आया है, उससे किसान हैरान हैं । इटावा में ऋण मोचन योजना का शुभारम्भ जिला प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव ने किया । प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव द्वारा जब किसानों को ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्र दिए जा रहे थे तब इटावा के अफसरों का कारनामा सामने आया। किसान पर एक लाख का कर्ज होने पर भी इटावा के अफसरों ने सिर्फ तीन रुपए ही माफ किए।

किसान बना मजाक का पात्र!

किसान बना मजाक का पात्र!

हम आपको बताते चलें कि यह मामला इटावा जिला के भरथना तहसील के भोली गांव में एक किसान का इतना कर्ज माफ कर दिया गया है जिसका प्रमाण पत्र देखने के बाद दूसरे किसान उसका मजाक उड़ाने में लग गये हैं। इस गांव के बुजुर्ग किसान जिलेदार सिंह ने एक वक्त स्टैंट बैंक की भरथना शाखा से फसल के लिए एक लाख रुपये का ऋण लिया हुआ था। उत्तर प्रदेश में चुनाव के दौरान भाजपाइयों द्वारा लम्बे-लम्बे वायदे किए गए थे। उसमें एक वादा किसानों के कर्ज माफ को लेकर भी किया गया था। जब उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनी, तो प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में किए वादे को पूरा करते हुए किसानों को राहत दे दी है। भाजपा की यह ऋण मोचन योजना किसानों के लिए रामबाण बन गई लेकिन भाजपा की इस योजना पर इटावा के अधिकारियों ने पानी फेरते हुए भोली गांव के एक किसान के एक लाख में से महज तीन रुपए का ही प्रमाण पत्र थमा दिया। यह प्रमाण पात्र बुर्जुग किसान जिलेदार के लिए मजाक बन गया ।

तीन दिन पहले हुआ था कार्यक्रम

तीन दिन पहले हुआ था कार्यक्रम

इटावा जिला के नुमाइस ग्राउण्ड में 7 सिंतबर को परिवहन मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने योगी सरकार की इस योजना का शुभारम्भ किया था। किसानों के क़र्ज़ माफ़ी के चेक किसानों को वितरित किये थे। जब किसान के 1 लाख के ऋण के एवज में मात्र 3 रुपये का ऋण माफ करके उसे सोचने पर मजबूर कर दिया है। अब किसान बैंक और तहसील के चक्कर काट रहा है । स्टैंट बैंक की ओर से भेजे गये प्रमाण पत्र में साफ-साफ अंकित है कि जिलेदार पुत्र दीनदयाल को उत्तर प्रदेश फसल त्रृण मोचन योजना के तहत के.सी.सी खाता नंबर 32807385566 में तीन रुपये की राशि क्रेडिट कर दी गई है ।

किसान खेत बेचने को मजबूर
कर्ज में डूबे किसान जिलेदार का कहना है, कि सरकार ने तो कुछ किया नहीं, अब हम अपनी खेती बेचकर कर्ज चुकता करेंगे। गरीब किसान जिलेदार सिंह का एक लाख का क़र्ज़ माफ़ी का प्रमाण पत्र गांव के लेखपाल ने उसके पास पहुंचाया तो वह और उसका परिवार देख कर दंग रह गया । ज़िलेदार का मात्र 3 रुपए का क़र्ज़ माफ़ हुआ था।

बैंक ने पल्ला झाड़ा

बैंक ने पल्ला झाड़ा

वहीं बैंक के अफसरों ने इससे अपना पल्ला झाड़ लिया । बैंक अधिकारी ने कहा कि यह लेखपालों की गड़बड़ी है। आपका एक लाख का ऋण माफ होना चाहिए। पीड़ित का कहना है, कि यह सरकार की गलती है। जितना लेखपालों को बताया गया होगा उतना ही उन्होंने माफ किया होगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस तरह की गंभीर चूक को लेकर इटावा के अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है, कि उन्हें भी इस बात की जानकारी मिली हुई है । कर्जदार किसानों के ऋण माफी के मामले में कुछ जगह गड़बड़ी सामने आई है जिसे जिला कमेटी के माध्यम से ठीक करने की कोशिश की जा रही है।

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