OPINION: अयोध्या में 7वां दीपोत्सव, राम लला के शहर को नई पहचान देने में जुटे योगी आदित्यनाथ
अयोध्या हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। कई दशकों से भाजपा अयोध्या में राम लला के मंदिर के लिए संघर्ष करती आई है और इसे अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करती है। अब जब यह विवाद पूरी तरह से सुलझ गया है तो प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या को नए कलेवर में तैयार करने में अपनी पूरी ताकत झोंक रही है।
प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल के तौर पर स्थापित करने की हर संभव कोशिश कर रही है। शहर की सड़कों को बेहतर किया जा रहा है, एयरपोर्ट स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही शहर के चौतरफा विकास को सुनिश्चित करने के लिए खुद योगी आदित्यनाथ ने जिम्मा उठाया है।

अयोध्या विकास की ओर
अयोध्या पर कोर्ट के फैसला आने के बाद प्रदेश सरकार लगातार यहां विकास की योजनाओं को धरातल में उतार रही है। यही वजह है कि पिछले कुछ साल में अयोध्या में निवेश काफी बढ़ा है और निवेशक यहां पर निवेश करने के इच्छुक हैं।
योगी सरकार के लिए अयोध्या आस्था का विषय है और प्रदेश की सरकार इसे एक नई पहचान देने की कोशिश में जुटी है। इसी कड़ी में पिछले 6 सालों से यहां दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जोकि देश-दुनिया में आकर्षण का केंद्र रहता है।
भव्य दीपोत्सव
दिवाली के मौके पर एक बार फिर से अयोध्या नगरी सज रही है। इस बार भी बड़े स्तर पर यहां दीपोत्सव मनाया जाएगा। हर वर्ष यहां रिकॉर्ड संख्या में दीपों को जलाया जाता है। इस बार भी सरकार यहां नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी कर रही है। इस बार अयोध्या में 51 घाटों पर 21 लाख दिए जलाने की तैयारी है।
51 घाट पर जलेंगे दीप
दीपोत्सव के लिए योगी सरकार ने इस बार भव्य तैयारी की है। 11 नवंबर को होने वाले दीपोत्सव के लिए सरकार ने जबरदस्त तैयारी की है। पिछले वर्ष 15.76 लाख दिए जलाए गए थे। लेकिन इस बार सरकार इसकी संख्या को बढ़ाकर 21 लाख कर दिया है। इस नए रिकॉर्ड को सुनिश्चित करने के लिए राम की पैड़ी के कुल 51 घाटों को चुना गया है जहां पर यह दीपोत्सव होगा।
24 लाख दिए लगाए जाएंगे
यहां पर 24 लाख दिए वॉलंटियर लगाने जा रहे हैं, जिसमे से 21 लाख दियों को जलाए जाने की उम्मीद है। इस काम के लिए कुल 25 हजार वॉलंटियर्स ने अपना हाथ आगे बढ़ाया है। अधिकतर वॉलंटिर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। इन्हें आइडेंटिटी कार्ड और बस की सुविधा दी जाएगी। 4.5 के वर्गक्षेत्र में एक बार में 256 दिए 16-16 रो में लगाए जाएंगे।
30 एमएल सरसो के तेल से जलेगे दिए
यहां पर वॉलंटियर 9 नवंबर से ही दिए लगाने का काम शुरू कर देंगे। स्थानीय निकाय यहां की सफाई की व्यवस्था करेगी। सभी वॉलंटियर को कहा गया है कि वह दिए में 30 एमएल सरसो का तेल डालें। इन दियों में 11 नवंबर तक तेल डालने का लक्ष्य रखा गया है। दियों के बीच 2.5 फीट की जगह छोड़ी जाएगी ताकि लोग इसके पास से आसानी से आ जा सके।
बता दें कि अयोध्या में दीपोत्सव का यह सातवां एडिशन है। राम कथा पार्क में मुख्य स्टेज बनाया जाएगा। साथ ही भरत कुंड, गुप्तार घाट, बिरला धर्मशाला, रामघाट पर अलग-अलग तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए अलग-अलग राज्यों से कलाकारों को न्योता दिया है।
हर साल बन रहा नया रिकॉर्ड
अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत 2017 में पहली बार हुई थी। यहां पहली बार 1.71 लाख दिए जलाए गए थे। इसके बाद 2018 में 3.01 लाख दिए, 2019 में 4.04 लाख दिए, 2020 में 6.06 लाख दिए, 2021 में 9.41 लाख दिए, 2022 में 15 लाख दिए जलाए गए थे। ऐसे में सरकार इस साल नए कीर्तिमान को स्थापित करने जा रही है।












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