YEIDA: PM Modi के Make in India के सपने को पूरा करेगा UP का मेडिकल डिवाइस पार्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। इसकी शुरूआत के बाद देश में मेक इन इंडिया के सपने को पूरा करने में मदद मिलेगी।

Yamuna Expressway Industrial Development Authority: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Make in India के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी के इस मिशन को पूरा करने में यूपी अब अहम भूमिका निभा रहा है। यूपी में पिछले महीने हुई ग्लोबल इनवेस्टर समिट में लगभग 34 लाख करोड़ का निवेश आया था। इसमें कई ऐसी कम्पनियों ने भी निवेश की रुचि दिखाई थी जो मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने में लाभदायक होगा। योगी सरकर इस सपने को सच करने में पूरा जोर लगा रही है। YEIDA के अधिकारियों की माने तो नोएडा में बनने वाला मेडिकल डिवाइस पार्क इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा जहां मेक इन इंडिया का स्वरूप दिखाई देगा।
नोएडा में 350 एकड़ में बन रहा मेडिकल डिवाइस पार्क
उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहर नोएडा में मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण हो रहा है। ईडा के अधिकारियों की माने तो गौतमबुद्ध नगर के सेक्टर 28 में 350 एकड़ में डेवलप किया जा रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क का लोकशन बिल्कुल युमना एक्सप्रेस वे के बगल में है और जेवर में बन रहे नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काफी करीब है। एयरपोर्ट से इसकी दूरी महज 3.5 किलेामीटर दूर है। देश ही नहीं दूनियाभर से आने वाले पर्यटकों इस मेडिकल डिवाइस पार्क का लाभ उठा सकते हैं।
सीएम योगी की ड्रीम विजन है मेडिकल डिवाइस पार्क
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी मंशा है कि नोएडा में एक मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जाए ताकि एक छतरी के नीचे मेडिकल की हर जरूरतों को पूरा कर सकें। इस मेडिकल डिवाइस पार्क का मुख्य मकसद मेडिकल् इंफ्रास्टक्चर के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। इस पार्क में कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराईं जाएंगी। जिस तरह की सुविधाएं यहां लोगों को मिलेंगी उसमें मुख्यतौर पर टेस्टिंग लैब, टूल्स रूम, वेयरहाउस और लिजिस्टिक सपोर्ट जेसी चीजें शामिल रहेंगी। मेडिकल डिवाइस बनने के बाद जब यहां प्रोडक्ट बनने शुरू होंगे तब मेडिकल क्षेत्र में जरूरी चीजों की कीमतों में कमी आएगी और लोगों को इससे राहत मिलेगी।
पार्क बनने से मिलेगा निवेश लायक माहौल
जानकारों का भी मानना है कि एक बार यह मेडिकल डिवाइस पार्क बन जाएगा तब यहां आने वाले निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बनेगा। इसका एक फायदा यह भी होगा कि चिकित्सा उपकरण निर्माण के मामले में यह fdi के प्रवाह को राकने के लिए एक विकल्प के तौर पर काम करेगा। इसको लेकर मेडिकल के क्षेत्र में काम कर रहे बड़े उद्योगपतियों को सब्सिडी देकर मेक इन इंडिया के सपनो को और मजबूती प्रदान की जा सकती है।
यूपी विकसित कर सकता है मेडिकल डिवाइस पार्क
मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे अहम प्रोजेक्ट का ऐलान करते समय सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि, "मेडिकल इंडस्ट्री को बूम देने के लिए एक बड़ा अवसर है। इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं और एक हाइटेक डिवाइस पार्क का निर्माण कर इन संभावनाओं को भुनाया जा सकता है। यूपी में एक वर्ष में 75 हजार फार्मा ग्रेजुएट तैयार हो रहे हैं। इस स्थिति में यूपी इस तरह का एक मेडिकल हब बना सकता है। इसके लिए खासतौर से पश्चिमी और मध्य यूपी के लिए यह डिवाइस पार्क काफी उपयोगी साबित होगा।''
दो चरणों में पूरा होगा मेडिकल डिवाइस पार्क
ईडा के अधिकारियों की माने तो यूपी मेडिकल डिवाइस पार्क को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इस अहम प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए ईडा के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण के तहत ऐसे कई प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं जो रोजगार के लिहाज से काफी लाभदायक होंगे और मेडिकल डिवाइस पार्क उन्हीं से एक है जो लांच होने के लिए लगभग तैयार है। पहले चरण में इस महीने के अंत तक 37 कम्पनियों को इस पार्क में जगह दी जाएगी। हमने दूसरे चरण की भी तैयारी शुरू कर दी है जिसके तहत 58 कम्पनियों को जगह दी जाएगी। इनमें कई नामी कम्पनियां भी शामिल हैं।












Click it and Unblock the Notifications