'मैं लीला देवी, नौकरी पाने के बाद पति को नहीं छोड़ूंगी', ज्योति मौर्या केस के बाद महिला का शपथ पत्र वायरल
उत्तर प्रदेश की पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। उनको लेकर तरह-तरह के मीम्स वायरल हो रहे। हाल ही में खबर आई थी कि इस घटना के बाद कई पतियों ने अपनी पत्नियों की पढ़ाई छुड़वा दी, तो वहीं अब एक शपथ पत्र वायरल हो रहा।
ये शपथ पत्र किसने बनवाया वो नहीं पता, लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही। इसमें लिखा है कि मैं लीला देवी पुत्री परशुराम अपने और कई अधिकारी के सम्मुख यह वचन देती हूं कि मेरा पति हमें पढ़ने के लिए दिल्ली भेज रहा है। अगर मै कोई नौकरी पाती हूं तो मैं अपने पति को धोखा नहीं दूंगी और हमेशा उसके साथ रहूंगी।

इसके आगे और ज्यादा मजेदार बात लिखी है। महिला ने शपथपत्र में लिखा कि अगर उसने नौकरी पाने के बाद पति को छोड़ा, तो वो उसे हर्जाने के रूप में एक करोड़ रुपये देगी।
लोगों ने ज्योति मौर्या केस से जोड़ा
वैसे ये शपथ पत्र नया है या पुराना, किसी को इसके बारे में पता नहीं, लेकिन लोग इसे ज्योति मौर्या केस से जोड़कर देख रहे। साथ ही लोग दावा कर रहा कि इस केस के बाद पत्नियों को पढ़ा रहे पति सतर्क हो गए हैं। वो नहीं चाहते कि पत्नी की नौकरी के बाद उनके भी तलाक की नौबत आ जाए।
ऐसे समझें मौर्या का केस
ज्योति मौर्या की शादी 2010 में आलोक मौर्या से हुई थी। आलोक का दावा है कि शादी के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को कोचिंग करवाई। इस वजह से वो पीसीएस अफसर बनीं। कुछ साल पहले उन दोनों की जिंदगी में होमगार्ड कमांडेंट मनीष दूबे की एंट्री हुई।
आलोक का दावा है कि ज्योति और मनीष में अफेयर चल रहा था। उन्होंने दोनों को लखनऊ के एक होटल में पकड़ा। इसके बाद उन्होंने दोनों की चैट लीक कर दी। साथ ही ज्योति मौर्या के भ्रष्ट होने के आरोप लगाए। हालांकि ज्योति ने आरोपों को निराधार बताया। उनके मुताबिक फैमिली कोर्ट में मामला चल रहा। आलोक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जबकि उन्होंने शादी के वक्त खुद को ग्राम पंचायत अधिकारी बताया था। ऐसे में उनकी शादी झूठ की बुनियाद पर टिकी थी।












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