क्या सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल BJP में होने वाली हैं शामिल? कहा- 'अतीक का नाम नहीं लेती तो सब ठीक रहता'
Pooja Pal: समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित विधायक पूजा पाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की चर्चाएं हो रही हैं। सपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। जिसके बाद भाजपा में जाने की चर्चाओं को मजबूती मिली। पूजा पाल ने ये भी कहा है कि अगर उन्होंने अतीक अहमद का नाम नहीं लिया होता तो सब ठीक रहता और उनको सपा से निकाला भी नहीं जाता।
विधायक पूजा पाल को समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित कर दिया गया। यह कदम ऐसे समय पर आया जब उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की खुले मंच पर तारीफ की थी। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें "पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता" का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

अखिलेश यादव ने अपने पत्र में लिखा गया-"आप लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही हैं। चेतावनी के बावजूद आपने यह काम बंद नहीं किया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ है। यह गंभीर अनुशासनहीनता है, इसलिए आपको सपा से निष्कासित किया जाता है।"
सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने की CM योगी से मुलाकात, उठे नए सियासी सवाल
पूजा पाल ने सीएम योगी की "जीरो टॉलरेंस पॉलिसी" की खुलकर तारीफ की। उनके बयान ने न सिर्फ सपा नेतृत्व को नाराज किया बल्कि उनके भविष्य को भी राजनीति में नए मोड़ पर खड़ा कर दिया। राजनीतिक हलकों में अब कयास लगाया जा रहा है कि क्या सपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल भाजपा का दामन थाम सकती हैं?
यह अनुमान इसलिए भी मजबूत हो रहा है क्योंकि जिन नीतियों और फैसलों की उन्होंने खुलकर तारीफ की, वही भाजपा की सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहचान हैं-खासकर "जीरो टॉलरेंस पॉलिसी" जिसने अतीक अहमद जैसे अपराधियों का अंत किया।
पूजा पाल ने शनिवार (16 अगस्त) को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। सीएम योगी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि पूजा पाल आने वाले समय में भाजपा में शामिल हो सकती हैं।
यूपी की राजनीति में पूजा पाल की यह पारी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि उनके पति राजू पाल, जो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक थे, की 2005 में अतीक अहमद और उसके साथियों ने हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूजा पाल लगातार न्याय की लड़ाई लड़ती रहीं।
अब जबकि वे भाजपा नेतृत्व की तारीफ कर रही हैं और सपा से बाहर कर दी गई हैं, राजनीतिक समीकरण साफ तौर पर संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में उनकी नई मंजिल भाजपा ही हो सकती है।
पूजा पाल के निष्कासन ने सपा के भीतर ही नहीं, पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों ने सपा के इस कदम की आलोचना की और कहा कि यह पार्टी असहमति की आवाज और महिलाओं के सम्मान को बर्दाश्त नहीं करती।
पूजा पाल बोलीं- 'अगर मैंने अतीक अहमद का नाम नहीं लिया होता, तो मुझे निष्कासित नहीं किया जाता'
समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक पूजा पाल ने कहा,
"मैंने मुख्यमंत्री का कई बार शुक्रिया अदा किया है...उनके पास प्रशासन और सरकार चलाने की ताकत है। लेकिन मुझे विधानसभा में अतीक अहमद का नाम लेने पर निष्कासित कर दिया गया। अगर मैंने उनका नाम नहीं लिया होता, तो मुझे निष्कासित नहीं किया जाता... मैं उस व्यक्ति के बारे में बात कैसे न करूँ जिसने मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी? पिछली सरकारों के दौरान एक विधायक की हत्या हुई, उसका शव गायब कर दिया गया और उसकी पत्नी और मां उसे हर जगह ढूँढ़ती रहीं, लेकिन उसे आखिरी बार देख भी नहीं पाईं। राजू पाल को देखने के लिए जनता भी आक्रोशित थी, लेकिन उन्हें पीटा गया और गोलियों से भून दिया गया, और हत्यारों को 17-18 साल बाद भी सजा नहीं मिली। इस सरकार में, जब एक आम आदमी की हत्या होती है, तो मुख्यमंत्री के एक साहसिक फैसले के तहत, माफिया के बेटे, हत्यारे का एनकाउंटर कर दिया जाता है... यह मायने रखता है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर कौन बैठा है, अपराध कम करने वाला या उसे बढ़ावा देने वाला...क्या वे राज्य को एक स्वच्छ प्रशासन देना चाहते हैं या सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं।"
CM योगी की तारीफ में पूजा पाल ने क्या कहा था?
पूजा पाल ने विधानसभा की 'विजन डॉक्यूमेंट 2047' पर हुई 24 घंटे की विशेष चर्चा में कहा था कि, 'मेरे पति (राजू पाल) के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिट्टी में मिलाने का काम किया। जब मुझे न्याय की उम्मीद कहीं नहीं दिख रही थी, तब मुख्यमंत्री ने मुझे और प्रदेश की कई महिलाओं को न्याय दिलाया।'
पूजा पाल ने कहा था,
''मेरे पति की हत्या किसने की, यह सब जानते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे न्याय दिलाया। उनकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के कारण अतीक अहमद जैसे अपराधी का अंत हुआ। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री पर विश्वास करता है।''
हत्या के बाद से लगातार लड़ाई
गौरतलब है कि पूजा पाल के पति और बसपा विधायक राजू पाल की 2005 में प्रयागराज में शादी के कुछ दिन बाद ही अतीक अहमद और उसके साथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से पूजा पाल लगातार न्याय की लड़ाई लड़ती रही हैं। फरवरी 2023 में इस मामले के अहम गवाह उमेश पाल की भी प्रयागराज के सुल्तान सराय इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।












Click it and Unblock the Notifications