Manish Dubey: क्या सस्पेंड होते ही गिरफ्तार हो जाएंगे कमांडेंट मनीष दुबे? जानें क्या कहता है कानून
Commandant Manish Dubey: एसडीएम ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य के आरोप के बाद सबसे अधिक मुश्किल में कोई फंसता दिख रहा है तो वह है कमांडेंट मनीष दुबे। जी हां कमांडेंट मनीष दुबे के निलंबन की सिफारिश कर दी गई है। बस वह कभी भी सस्पेंड हो सकते हैं। लेकिन कई लोग अब जानना चाहते हैं कि कमांडेंट मनीष दुबे सस्पेंड होते ही गिरफ्तार हो जाएंगे। तो चलिए आज हम बताएंगे क्या कोई कर्मचारी सस्पेंड होते ही गिरफ्तार हो जाता है।
क्या सस्पेंड होते ही मनीष दुबे हो जाएंगे गिरफ्तार?
अगर आप सोच रहे हैं कि कमांडेंट मनीष दुबे (Commandant Manish Dubey) सस्पेंड होते ही गिरफ्तार हो जाएंगे तो आप गलत सोच रहे हैं। बता दें कि कोई भी अधिकारी अगर सस्पेंड होता है तो उसकी जांच करीब तीन महीने तक चलती है। अगर जांच में वह दोषी पाया जाएगा तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, यह भी देखना होगा कि मामला कितना गंभीर है। अगर मामला गंभीर होगा तो तुरंत गिरफ्तारी होगी और फिस केस कोर्ट में चला जाएगा। अगर कर्मचारी कोर्ट से बरी हो जाता है तो उसे तुरंत राहत मिल जाएगी। लेकिन यदि कोर्ट में भी दोषी साबित होता है तो उसकी नौकरी भी जा सकती है। नहीं तो निलंबन को आगे बढ़ा दिया जाएगा।

कौन हैं होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे (Who is Commandant Manish Dubey)
बता दें कि कमांडेंट मनीष दुबे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम मनोज कुमार दुबे है। उनकी होमगार्ड जिला कमांडेंट के रूप में 27 जून 2016 को पोस्टिंग हुई थी। वह 2 साल के लिए प्रोबेशन पीरियड में भेजे गए जो कि 30 जून 2018 को पूरी हुई। प्रोबेशन के दौरान उनकी सेवा 23 अगस्त 2017 को अमरोहा जिले में लगी। फिर 30 जून 2022 को उनकी पोस्टिंग सोनभद्र जिले में की गई थी लेकिन यहां उनका ट्रांसफर रद्द कर दिया गया। इसके बाद 28 जुलाई 2022 को गाजियाबाज में होमगार्ड कमांडेंट बनाकर भेजा गया। लेकिन ज्योति मौर्या वाला विवाद सामने आने के बाद उन्हें गाजियाबाद से महोबा ट्रांसफर कर दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications