Love Story: कांग्रेस के इस हिंदू नेता की पत्नी हैं पारसी, पहली नजर में हुआ था प्यार, तोड़ी धर्म की दीवार
Manish Tewari Love Story: कांग्रेस के दिग्गज नेताओं मे शामिल मनीष तिवारी सुबह से ही सुर्खियों में हैं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मनीष तिवारी और कांग्रेस हाईकमान के बीच कुछ सही नहीं चल रहा है, इन खबरों को हवा तब और मिली जब मनीष तिवारी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उनकी नाराजगी साफ दिख रही है, दरअसल मनीष तिवारी पार्टी की पंजाब यूनिट में नए कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्तियों में खुद को शामिल ना किए जाने से दुखी और परेशान हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा है कि 'है बड़ा कोई अवगुण उसमे जिसे कोई हुनर आवे ,काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षाओं के लिए कोई एंटीडोट होता!यह कहने के बाद कि कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 सालों में काफी कुछ दिया है और मैंने भी अपनी पूरी ज़िंदगी दशकों से इंडियन नेशनल कांग्रेस की सेवा में लगा दी है। जो होगा, होगा, जो होगा, होगा।'

जिसके बाद से मनीष तिवारी सोशल मीडिया पर चर्चित हो गए और लोगों के बीच सुगबुगाहट फैल गई कि क्या मनीष तिवारी कांग्रेस छोड़ने जा रहे हैं? हालांकि इस बारे में मनीष तिवारी और कांग्रेस की ओर से कोई भी बयान जारी नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बीजेपी के खिलाफ अक्सर तल्ख अंदाज में बातें करने वाले मनीष तिवारी को गांधी परिवार का काफी करीबी माना जाता है।
'Manish Tewari के पापा प्रोफेसर और मम्मी डॉक्टर'
चंडीगढ़ से मौजूदा सांसद मनीष तिवारी का जन्म 8 दिसंबर 1965 को चंडीगढ़ में ही वीएन तिवारी और डॉ अमृता तिवारी के घर पर हुआ था। उनके पिता पंजाबी भाषा के लेखक और पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर थे और उनकी मां एक डेंटिस्ट थीं, जिन्होंने ओरल हेल्थ साइंसेज़ सेंटर की हेड और डीन के तौर पर भी काम किया है।

आतंकवादियों ने की थी मनीष तिवारी के पिता की हत्या
एक संभ्रात परिवार से आने वाले मनीष तिवारी खुद एक वकील हैं, उन्होंने चंडीगढ़ के सेंट जॉन्स हाई स्कूल से पढ़ाई की थी, मनीष तिवारी ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री और बाद में दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ किया था। साल 1984 में पंजाब के काले दौर के दौरान आतंकवादियों ने उनके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

मनीष तिवारी को पहली नजर में ही हुआ था नाजनीन शिफा से प्यार
मनीष तिवारी उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने छात्र राजनीति से शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई। इसी राजनीतिक सफर में उनकी मुलाकात एक बहुत खूबसूरत और प्रतिभाशाली नाजनीन शिफा से हुई, जो कि उस वक्त महिला कांग्रेस विंग से जुड़ी हुई थीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मनीष को पहली नजर में ही नाजनीन भा गई थीं लेकिन दोनों की शादी आसान नहीं थी क्योंकि मनीष तिवारी तो हिंदू ब्राह्मण फैमिली से और नाजनीन पारसी समुदाय से हैं, दोनों को एक होने में काफी मुश्किलें आईं।

मनीष और नाजनीन के प्यार ने धर्म की दीवार तोड़ी
लेकिन कहते हैं ना इश्क हर मजहब से बड़ा होता है तो यहां भी मनीष और नाजनीन के प्यार ने धर्म की दीवार को तोड़ दिया और परिवारवालों की रजामंदी से साल 1996 में शादी कर ली, इस कपल की एक बेटी है जिनका नाम है इनेका तिवारी, वो भी अपने पापा की तरह ही वकील हैं जिनकी शादी साल 2024 में हिम्मत सिंह ग्रेवाल से हुई हैं, जो कि पूर्व दिल्ली रणजी कप्तान और लखनऊ सुपर जायंट्स टीम आईपीएल टीम के प्लेयर हैं।

एक नजर मनीष तिवारी के अब तक के सफर पर
- मनीष तिवारी 1988 से 1993 तक NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।
- NSUI के बाद उन्हें Indian Youth Congress का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।
- 1998 से 2003 के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने का काम किया।
- वर्ष 2008 में उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया।
- 2009 के आम चुनाव में वो पंजाब की लुधियाना लोकसभा क्षेत्र सीट से जीत दर्ज कर पहली बार लोकसभा पहुंचे।
- अक्टूबर 2012 में मनमोहन सिंह की सरकार में उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया।
- 2019 के लोकसभा चुनाव में आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र सीट से जीतकर दोबारा संसद पहुंचे।
- 2024 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव जीते।
- मुख्य पद: NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस अध्यक्ष, कांग्रेस प्रवक्ता, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, तीन बार लोकसभा सांसद (लुधियाना, आनंदपुर साहिब और चंडीगढ़)।














Click it and Unblock the Notifications