Swami Prasad Maurya को रायबरेली में क्यों पड़ा थप्पड़? जानें कितनी बार चख चुके हैं पिटाई का स्वाद?
Swami Prasad Maurya Slapped Reason: उत्तर प्रदेश की सियासत में स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम किसी तूफान से कम नहीं। वे यूपी की राजनीति के चर्चित पिछड़े वर्ग (OBC) के नेता माने जाते हैं। मौर्य का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव और दल-बदल से भरा रहा है। कभी बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 'हाथी' पर बैठकर विधायक बने, तो कभी समाजवादी पार्टी (SP) की साइकिल पर सवार होकर अखिलेश यादव के सिपहसालार बने।
अब अपनी पार्टी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (RSSP) बनाकर यूपी की सियासत में ताल ठोकने में मशरूफ हैं। लेकिन, उनकी इस ताल में थप्पड़ की गूंज और जूतों की बारिश साफ नजर आ रही है। अब सवाल उठता हैं क्यों पिट रहे हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?

रायबरेली में थप्पड़ कांड: क्या हुआ?
6 अगस्त 2025 को रायबरेली के मिलएरिया थाना क्षेत्र के सारस चौराहे पर स्वामी प्रसाद मौर्य का स्वागत चल रहा था। लखनऊ से फतेहपुर जाते समय वह समर्थकों से मिलने रुके थे। फूल-मालाओं के बीच दो युवक भीड़ में घुसे और माला पहनाने की आड़ में एक ने मौर्य के सिर पर पीछे से थप्पड़ मारा। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई।
गुस्साए समर्थकों ने दोनों युवकों को दौड़ाकर पकड़ा और लात-घूंसों से पीट दिया। इस मारपीट में इंस्पेक्टर अजय राय की वर्दी तक खून से रंग गई। पुलिस ने हमलावरों को हिरासत में लिया, लेकिन मौर्य के समर्थकों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ। मौर्य ने इसे सियासी साजिश करार देते हुए योगी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने करणी सेना पर हमले का आरोप लगाया। कहा कि यह कानून-व्यवस्था की नाकामी है।
क्यों निशाने पर हैं स्वामी प्रसाद मौर्य?
मौर्य का बेबाक अंदाज और विवादास्पद बयान उन्हें सियासत में सुर्खियों में रखते हैं। उनके रामचरितमानस और हिंदू धर्म पर बयानों ने कई संगठनों, खासकर करणी सेना और सवर्ण समूहों को नाराज किया। मौर्य ने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों को 'पिछड़ों और दलितों के खिलाफ' बताया था, जिसके बाद से उन पर हमले बढ़ गए। उनकी नई पार्टी RSSP, जो OBC, दलित, और अल्पसंख्यकों की आवाज उठाने का दावा करती है, ने भी सियासी विरोधियों को चौकन्ना कर दिया।
मौर्य ने इस हमले को करणी सेना से जोड़ा, लेकिन पुलिस अभी जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, हमलावरों का स्थानीय स्तर पर कुछ संगठनों से कनेक्शन हो सकता है। मौर्य की बढ़ती सियासी सक्रियता और 2024 में SP छोड़कर RSSP बनाने का फैसला भी इस हमले की वजह माना जा रहा है।
जूते-थप्पड़ का पुराना रिकॉर्ड
स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादों और हमलों से पुराना नाता है।
- 21 अगस्त 2023 (लखनऊ): इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में SP के OBC महासम्मेलन में आकाश सैनी नाम के युवक ने वकील की वेशभूषा में मौर्य पर जूता फेंका। मौर्य बाल-बाल बचे, और हमलावर को समर्थकों ने पकड़ लिया।
- 4 मई 2024 (आगरा): SP छोड़ने के बाद आगरा में एक जनसभा के दौरान मौर्य पर जूतों की बारिश हुई। समर्थकों ने हमलावर को पकड़कर पीटा, और पुलिस को पिस्टल निकालकर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।
- 6 अगस्त 2025 (रायबरेली): मौर्य का सियासी करियर जहां 1996 में डलमऊ सीट से शुरू हुआ, वहीं थप्पड़ कांड ने उनके गृह क्षेत्र में नया बवाल खड़ा किया।
मौर्य ने इस हमले को सियासी साजिश करार देकर योगी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। पुलिस हमलावरों की पृष्ठभूमि और उनके कथित करणी सेना कनेक्शन की जांच कर रही है। क्या यह हमला मौर्य की सियासी पारी को कमजोर करेगा, या RSSP को नई ताकत देगा? यूपी की सियासत में यह सवाल गूंज रहा है।
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