कौन हैं रुचि वीरा? अखिलेश यादव की पार्टी की सांसद से जुड़ा क्या है मामला, जिसमें हाईकोर्ट से मिली राहत
Who is Ruchi Veera: इलाहाबाद हाईकोर्ट से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा को बुधवार को बड़ी राहत मिली है। रुचि वीरा से जुड़े एक मामले में हाईकोर्ट के जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ सुनवाई करते हुए मुरादाबाद की एसीजेएम कोर्ट से जारी समन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है और फिलहाल सपा सांसद के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है।
जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार और विपक्षी संख्या दो को नोटिस जारी कर चार सप्ताल में जवाब देने का निर्देश दिया है। वहीं जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए याचिकाकर्ताओं को तीन हफ्तें का समय दिया गया है। अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सांसद रुचि वीरा से संबंधित केस की अगली सुनवाई इलालाबाद हाईकोर्ट में 6 अगस्त को होगी। आइए जानते हैं कौन हैं रुचि वीरा और क्या है वो मामला जिसकी इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है?

कौन हैं रुचि वीरा?
रुचि वीरा उत्तर प्रदेश के अमरोहा की मूल निवासी हैं। 2 सितंबर 1961 को जन्मीं समाजवादी पार्टी की महिला सांसद रुचि वीरा ने महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से कला स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की है। रुचि वीरा ने सपा के टिकट पर 2014 में बिजनौर विधानसभा उपचुनाव से जीत हासिल कर राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी। इसके बाद वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हुईं, लेकिन 2023 में फिर सपा में वपासी कर ली। रुचि वीरा सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां का करीबी माना जाता है। रुचि वीरा यूपी के मुरादाबार से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं।
रुचि वीरा को टिकट देने पर क्यों मचा था बवाल?
2024 के लोकसभा चुनाव में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुरादाबाद के सिटिंग सांसद एसटी हसन का टिकट काटकर 62 वर्षीय रुचि वीरा को उम्मीदवार बनाया था। इससे सपा में जमकर बवाल हुआ था क्योंकि हसन के नामांकन पर्चा दाखिल किए जाने के बाद उनका अखिलेश यादव ने टिकट काटा था।
रुचि वीरा पर क्या लगा है आरोप, क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एसीजेएम कोर्ट ने सपा सांसद रुचि वीरा और उमाकांत गुप्ता को समन जारी किया था। उनके खिलाफ 6 अप्रैल 2024 को मुरादाबाद के सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। यह एफआईआर लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में दर्ज की गई थी। ST प्रभारी उमेश कुमार त्रिवेदी की तहरीर पर आईपीसी की धारा 171H और 188 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि सपा प्रत्याशी रुचि वीरा ने बिना अनुमति के उमाकांत गुप्ता के डिप्टीगंज स्थित घर पर कार्यकर्ताओं के साथ जनसभा की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था।
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