Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

IAS Monika Rani: कौन हैं DM मोनिका रानी? 'ऑपरेशन भेड़िया' के बाद अब बहराइच हिंसा पर लगाएंगी लगाम

Who is IAS Monika Rani: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन (Durga Idol Immersion) के दौरान हुए हिंसक बवाल की आग में उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला (Bahraich News) झुलस रहा है। ऐसे में स्थिति को कंट्रोल करने के लिए जिले की डीएम मोनिका रानी (DM Monika Rani) सड़कों पर बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर उतर गई हैं। मोनिका रानी का कहना है कि हम स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

Recommended Video

    बहराइ में चस्थिति को कंट्रोल करने के लिए डीएम मोनिका रानी सड़कों पर बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर उतरी

    यह वहीं, IAS मोनिका रानी हैं, जिनके नेतृत्व में हाल ही में जिले में 'ऑपरेशन भेड़िया' (Operation Bhediya) चलाया गया था। इस ऑपरेशन का मकसद जिले में आदमखोर भेड़ियों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। आपको बता दें कि भेड़ियों के हमलों में हाल ही में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। आइए आपको रूबरू कराते हैं निडर, साहसी और संघर्षमय मोनिका रानी से...

    IAS Monika Rani

    कौन हैं IAS मोनिका रानी?

    मोनिका रानी 2010 बैच की एक काबिल और मेहनती IAS अधिकारी हैं। उनका जन्म 1982 में हरियाणा के गुरुग्राम में हुआ था और वे बचपन से ही IAS अधिकारी बनने का सपना देखती थीं। उन्होंने बीकॉम और इकोनॉमिक्स में एमए की डिग्री हासिल की है। 2010 में UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा में 70वीं रैंक हासिल कर वे IAS बनीं।

    संघर्ष का दूसरा नाम 'मोनिका रानी'
    मोनिका रानी की जिंदगी संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल है। शादी के बाद भी उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने का फैसला किया और UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। आइए जानते हैं मोनिका रानी के संघर्षों के बारे में...

    • शादी और परिवार: साल 2005 में मोनिका की शादी हो गई। शादी के बाद उनके ऊपर घर और परिवार की जिम्मेदारियां आ गईं।
    • मां बनने के बाद तैयारी: मोनिका का बेटा जब 8 महीने का था, तब उन्होंने UPSC की तैयारी करने का निर्णय लिया। उस समय वे दिल्ली के बिजवासन में एक सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी कर रही थीं।
    • तीसरे प्रयास में सफलता: तीन बार प्रयास करने के बाद, साल 2010 में उन्होंने UPSC परीक्षा पास की और 70वीं रैंक हासिल की। उस समय वे 29 साल की थीं।

    'ऑपरेशन भेड़िया' में लीड रोल
    हाल ही में, भेड़ियों के आतंक से बहराइच जिला कांप रहा था। कठिन वक्त में, डीएम मोनिका उम्मीद की किरण बनकर सामने आईं। उन्होंने 'ऑपरेशन भेड़िया' एक विशेष अभियान चलाया, जिसका मकसद जिले को भेड़ियों के आतंक से मुक्त कराना और लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देना था। इस ऑपरेशन के अंतर्गत वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं ताकि आदमखोर भेड़ियों को पकड़ा जा सके और ग्रामीणों की जान-माल की रक्षा की जा सके। आपको बता दें कि जिले में भेड़ियों के हमलों में 8 लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हुए थे।

    ये भी पढ़ें - IPS Vrinda Shukla: कौन हैं वो दबंग महिला SP? जो बहराइच बवाल को काबू करने उतरीं, नाम सुनते ही कांप उठे दंगाई

    प्रेरणादायक सफर
    मोनिका रानी उन महिलाओं के लिए एक आदर्श हैं, जो अपने सपनों को परिवार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच कहीं खो देती हैं।

    • शादी और नौकरी के बाद भी तैयारी: मोनिका ने शादी और मां बनने के बाद भी अपनी पढ़ाई और UPSC की तैयारी जारी रखी।
    • परिवार और नौकरी के बीच संतुलन: मोनिका रानी ने टीचर की नौकरी करते हुए और एक बच्चे की देखभाल करते हुए भी UPSC की तैयारी जारी रखी।
    • कठिनाइयों से पार पाना: तीन प्रयासों के बाद, उन्होंने आखिरकार, सफलता हासिल की और IAS अधिकारी बनीं।

    IAS मोनिका रानी का जीवन हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता है, चाहे कितनी भी बाधाएं रास्ते में क्यों न आएं। उनका संघर्ष यह बताता है कि सही दिशा में मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+