Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

दिल्ली में आजम-अखिलेश की मुलाकात के क्या हैं मायने, क्या दूर हो गई आजम की नाराजगी

लखनऊ, 2 जून : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव पार्टी में नाराज नेताओं को मनाने में जुटे हैं। इसी क्रम में अखिलेश यादव बुधवार को पार्टी के सीनियर नेता आजम खान से मिलने के लिए दिल्ली के गंगाराम अस्पताल गए। वहां वह करीब तीन घंटे तक आजम खान के साथ रहे. इस दरमियान अखिलेश ने तमाम सियासी बातचीत आजम खान के साथ की। सपा सूत्रों के अनुसार इस मुलाक़ात में सपा मुखिया ने विधान परिषद चुनावों को लेकर बातचीत की तथा आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीटों पर होने वाले उपचुनावों में किसे चुनाव लड़ाया जाए? इस पर भी आजम खान से चर्चा की। माना जा रहा है कि जेल से बाहर आते ही अखिलेश आजम को मनाने में जुटे हुए हैं। अब देखना है कि क्या आजम की नाराजगी दूर होती है या नहीं।

रामपुर से सिदरा खान और आजमगढ़ से डिंपल पर दाव लगा सकते हैं अखिलेश

रामपुर से सिदरा खान और आजमगढ़ से डिंपल पर दाव लगा सकते हैं अखिलेश

अब इसी सप्ताह अखिलेश यादव आजमगढ़ और रामपुर संसदीय सीट से पार्टी चुनाव लड़ने वाले पार्टी प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर देंगे। माना जा रहा है कि अखिलेश यादव आजमगढ़ संसदीय सीट से अपनी पत्नी डिंपल यादव और रामपुर संसदीय सीट से सिदरा खान को चुनाव लड़ाया जाएगा। आजम खान के बड़े बेटे आदीब खान की पत्नी हैं सिदरा खान। इसके साथ ही वह विधान परिषद में सपा कोटे किन चार लोगों को भेजा जाएगा, इसका भी फैसला करेंगे. ये विधान परिषद के चुनाव भी अखिलेश यादव के लिए बेहद अहम हैं।

आजम की नाराजगी दूर करने के लिए सिब्बल को बनाया उम्मीदवार

आजम की नाराजगी दूर करने के लिए सिब्बल को बनाया उम्मीदवार

अखिलेश यादव की चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बताया जा रहा है कि अखिलेश यादव ने आजम को मनाने के लिए ही कपिल सिब्बल को समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का टिकट दिया था। ऐसा माना जा रहा है कि कपिल सिब्बल का नाम आजम ने ही सुझाया था क्योंकि आजम को जमानत दिलाने और जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में उन्होंने राहत दिलाई थी। इसी का ईनाम सिब्बल को मिला है। अब अखिलेश ने दिल्ली जाकर आजम से मुलाकात की और यूपी की राजनीति पर चर्चा किया।

राज्यसभा के बाद अब विधान परिषद की सीटों को लेकर चुनौती

राज्यसभा के बाद अब विधान परिषद की सीटों को लेकर चुनौती

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की कुल 100 सीटें हैं। जिनमें से 13 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल छह जुलाई को समाप्त होने वाला है। जिसके चलते विधान परिषद की इन 13 सीटों पर 20 जून को चुनाव होना है। जिसके लिए नामांकन 2 से 9 जून तक दाखिल किए जाएंगे। 10 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 13 जून तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इस तय चुनावी कार्यक्रम के तहत सपा कोटे से विधान परिषद सदस्य बनने के लिए पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से लेकर इमरान मसूद और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के बेटे तक दावेदारी के लिए लाइन में हैं।

क्या राज्यसभा वाला फार्मूला अपनाएंगे अखिलेश

क्या राज्यसभा वाला फार्मूला अपनाएंगे अखिलेश

अखिलेश यादव विधान परिषद चुनाव में क्या राज्यसभा की तरह ही फॉर्मूला आजमाएंगे या फिर कोई नया सियासी दांव चलने वाले हैं? वैसे सपा मुखिया अखिलेश यादव के पास नया सियासी दांव चलने की अवसर नहीं है. उन्हें ओम प्रकाश राजभर और स्वामी प्रसाद की जरूरत जयंत चौधरी की तरह ही है। गठबंधन राजनीति की मजबूती के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य और ओम प्रकाश राजभर की बात माननी ही चाहिए, आजम खान ने भी शायद यही सलाह उन्हें दी है। अब अखिलेश यादव को तय करना है कि विधान परिषद जाने को लेकर पार्टी नेता जो दबाव उन पर बना रहे हैं, उससे वह कैसे निपटते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+