Bone Marrow Transplant क्या है? नोएडा में नवजात के लिए कैसा बना यूनिट? कितना आया खर्च? क्या डोनेट का प्रोसेस?
What is Bone Marrow Transplant: उत्तर प्रदेश के नोएडा के चाइल्ड पीजीआई (सेक्टर-30) में बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT) यूनिट की शुरुआत हो गई है। यह यूनिट खासतौर पर नवजात और बाल मरीजों के लिए बनाई गई है, जो थैलेसीमिया, हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं।
बीते दिन यानी 15 जनवरी 2025 को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने यूनिट का उद्घाटन किया। यूनिट को बाल मरीजों के अनुकूल बनाने के लिए दीवारों पर कार्टून पेंटिंग्स और थीम आधारित सजावट की गई है। आइए जानते हैं कितनी लागत से नोएडा में BMT यूनिट तैयार? बोन मैरो ट्रांसप्लांट क्या है? कैसे होता है? क्या है पूरा प्रोसेस? आइए जानते हैं...

नोएडा में BMT यूनिट: क्या है खास?
लागत और सुविधा:
- ₹4 करोड़ की लागत से बनी यह यूनिट आठ बेड की है।
- यहां मरीजों के लिए अलग कमरे और इमरजेंसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
डॉक्टर और स्टाफ:
- तीन डॉक्टर और 30 नर्स सहित प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति हो चुकी है।
- यहां के डॉक्टर बाल मरीजों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं।
What is Bone Marrow Transplant: बोन मैरो ट्रांसप्लांट क्या है?
बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Bone Marrow Transplant - BMT) एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग रक्त और इम्यून सिस्टम से संबंधित बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। यह प्रक्रिया बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में स्वस्थ स्टेम सेल्स को प्रत्यारोपित करने पर आधारित होती है।
Bone Marrow Transplant Step: बोन मैरो ट्रांसप्लांट के प्रकार
- ऑटोलॉगस ट्रांसप्लांट (Autologous Transplant): इसमें मरीज के अपने स्टेम सेल्स का उपयोग किया जाता है।
- एलोजेनिक ट्रांसप्लांट (Allogeneic Transplant): इसमें डोनर के स्टेम सेल्स का उपयोग होता है।
- सिनजेनिक ट्रांसप्लांट (Syngeneic Transplant): यह प्रक्रिया जुड़वा भाई-बहन के बीच होती है।
Bone Marrow Transplant Procedure: बोन मैरो ट्रांसप्लांट का प्रोसेस?
- प्री-ट्रांसप्लांट टेस्टिंग: रोगी की मेडिकल हिस्ट्री, मैचिंग टेस्ट (HLA typing), और शारीरिक जांच की जाती है।
- स्टेम सेल संग्रह: स्वस्थ स्टेम सेल्स को मरीज या डोनर से लिया जाता है।
- कंडीशनिंग (Conditioning): कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी का उपयोग कर रोगी की क्षतिग्रस्त बोन मैरो को हटाया जाता है।
- ट्रांसप्लांट: स्वस्थ बोन मैरो या स्टेम सेल को नसों (intravenous) के जरिए शरीर में इंजेक्ट किया जाता है।
- रिकवरी: बोन मैरो को नए रक्त कोशिकाएं बनाने में समय लगता है। इस दौरान रोगी को संक्रमण से बचाने के लिए निगरानी में रखा जाता है।
Bone Marrow Transplant Cost: बोन मैरो ट्रांसप्लांट में कितना आता है खर्च?
भारत में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे अस्पताल, डॉक्टर की विशेषज्ञता और बीमारी की जटिलता। आमतौर पर इसकी लागत ₹15 लाख से ₹50 लाख के बीच होती है।
Bone Marrow Transplant Side Effects: बोन मैरो ट्रांसप्लांट के साइड इफेक्ट?
- संक्रमण का खतरा (Infection): इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण।
- ग्राफ्ट-वर्सस-होस्ट डिजीज (GVHD): जब डोनर की कोशिकाएं मरीज के शरीर को अस्वीकार करती हैं।
- थकान और कमजोरी
- फर्टिलिटी समस्याएं
- बाल झड़ना
- आंतरिक अंगों पर प्रभाव (जैसे लिवर और किडनी)
Bone Marrow Transplant Center in India: भारत में बोन मैरो ट्रांसप्लांट कहां?
- एम्स, दिल्ली (AIIMS)
- टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई
- अर्धान हेल्थकेयर, बेंगलुरु
- मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली
- फोर्टिस हॉस्पिटल, मुंबई
Bone Marrow Transplant Donor: बोन मैरो डोनर बनने का क्या प्रोसेस?
- रजिस्ट्री में पंजीकरण (जैसे DATRI, MDRI)।
- HLA (Human Leukocyte Antigen) टाइपिंग के जरिए डोनर का मिलान बेहद जरूरी है।
- स्टेम सेल का संग्रह (Peripheral Blood Stem Cell Collection या Bone Marrow Harvesting)।
सफलता दर कितनी फीसदी है?
बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सफलता दर 60% से 90% तक होती है, जो मरीज की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और बीमारी के प्रकार पर निर्भर करती है।
बोन मैरो ट्रांसप्लांट कई गंभीर बीमारियों के लिए एक प्रभावी उपचार हो सकता है। हालांकि, इसे करवाने से पहले विस्तृत जानकारी और एक्सपर्ट डॉक्टर्स से परामर्श आवश्यक है।
(नोट- इनपुट एम्स, दिल्ली (AIIMS) व DATRI बोन मैरो रजिस्ट्री से लिया गया है। इसके लिए, वनइंडिया उत्तरदायी नहीं है।)
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