VIDEO: डॉक्टरों की इस घटिया हरकत ने किया इंसानियत को शर्मसार, मरीज का पैर काटकर बना दिया तकिया
लखनऊ। यूपी के झांसी से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक घायल युवक का पैर काटने के बाद डॉक्टरों ने उसके कटे हुए पैर को ही तकिया बनाकर युवक के सिर के नीचे रख दिया। धरती के भगवान कहलाने वाले कुछ डाक्टरों की इस हरकत ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यह नजारा देख वहां मौजूद लोगों की तो रूह कांप गई, लेकिन, पत्थर दिल डाक्टरों का मन नहीं पसीजा। इमरजेंसी में मौजूद लोगों ने इस वीभत्स घटना की जानकारी सीएमएस को दी। मीडिया के संज्ञान में आते ही मेडीकल प्रशासन सकपका गया और आनन-फानन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का बयान देता नजर आया।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के निर्देश पर दो डॉक्टर व दो नर्स को निलंबित कर दिया गया है। जबकि डॉक्टर ऑन कॉल को चार्जशीट दी गई है। शासन ने इस मामले में जांच बैठा दी है और मेडिकल कालेज की प्रधानाचार्य से पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की गई है।
जानिए घटनाक्रम
घटना के सम्बंध में बताया जाता है कि शनिवार को एक स्कूली बस इटाईल से मऊरानीपुर जा रही थी। बस के सामने अचानक ट्रैक्टर आ गया, जिससे बस चालक का संतुलन बिगड़ गया और बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गयी, जिसमें बस का क्लीनर घनश्याम पुत्र देवकी निवासी ग्राम लहचूरा को इलाज के लिये झांसी मेडीकल कॉलेज भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मेडीकल कॉलेज के डॉक्टरों ने क्लीनर घनश्याम के दाये पैर को काटकर अलग कर दिया और कटे हुये पैर का तकिया बनाकर क्लीनर के सिर के नीचे लगा दिया।
लोगों ने दी सूचना
डाक्टरों की यह अमानवीय हरकत देख वहां मौजूद लोगों के मुंह से आह निकली और अपनी नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीएमएस को फोन करके इसकी सूचना दी। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्य मौके पर पहुंचे और यह नजारा देख सकते में आ गए। उन्होंने इमरजेंसी में मौजूद डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई और मरीज के सिर के नीचे से कटा हुआ पैर हटवाकर तकिया लगवाया।
उधर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने बताया कि जिस समय ये घटना हुई उस दौरान ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सीनियर रेजीडेंट आर्थोपैडिक डॉ. आलोक अग्रवाल, सिस्टर इंजार्ज दीपा नारंग व नर्स शशि श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। डॉक्टर ऑन कॉल डॉ. प्रवीण सरावगी पर चार्जशीट जारी की गई है।












Click it and Unblock the Notifications