यूपी: एमपी-एमएलए कोर्ट ने राज बब्बर के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के खिलाफ इलाहाबाद की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान हाजिर ना होने पर स्पेशल कोर्ट द्वारा राज बब्बर को गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर करने का आदेश भी दिया गया है। मामला 1996 का है, जिसमें पोलिंग बूथ के अंदर घुसकर मतदान अधिकारी से मारपीट करने का आरोप राज बब्बर पर है।

यूपी: एमपी-एमएलए कोर्ट ने राज बब्बर के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

जारी किया गया वारंट

राज बब्बर के खिलाफ इसी मामले में दर्ज मुकदमा काफी दिनों से लंबित था। इलाहाबाद की स्पेशल कोर्ट में मुकदमा ट्रांसफर होने के बाद इस पर सुनवाई शुरू हुई और राज बब्बर को पेश होने के लिए समन भी जारी किया गया। लेकिन, राज बब्बर स्पेशल कोर्ट में हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने राज बब्बर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है और उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने को कहा है।

यूपी: एमपी-एमएलए कोर्ट ने राज बब्बर के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

क्या है मामला

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहे मुकदमे के अनुसार 1996 में चुनाव के दौरान राज बब्बर सपा प्रत्याशी थे और वजीरगंज इलाके में एक पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान को लेकर पीठासीन अधिकारी से भिड़ गए थे। मतदान स्थल पर मारपीट के बाद लखनऊ के वजीरगंज थाने में राज बब्बर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। राज बब्बर पर पर आरोप था कि तत्कालीन पोलिंग अफसर अरविंद यादव के साथ मारपीट की गई। इसी मामले में श्री कृष्ण सिंह ने राज बब्बर पर मारपीट और आचार संहिता के उल्लंघन की धारा में वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला लखनऊ में ही चल रहा था लेकिन, इलाहाबाद में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट बनने के बाद यह मामला यहां पर ट्रांसफर किया गया। जिसमें सुनवाई शुरू हुई तो राज बब्बर को सुनवाई के दिन हाजिर होने का समन जारी किया गया था। लेकिन, राज बब्बर जब हाजिर नहीं हुए तो उन्हें गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।

यूपी: एमपी-एमएलए कोर्ट ने राज बब्बर के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

गायब हो चुका है मूल अभिलेख

राज बब्बर पर दर्ज मुकदमे के मामले में सबसे बड़े आश्चर्य की बात यह है कि मुकदमे का मूल अभिलेख भी गायब हो चुका है। वजीरगंज थाने में इस मुकदमे का मूल अभिलेख मौजूद नहीं है। हालांकि लखनऊ सीजेएम ने केस पर सुनवाई के दौरान मुकदमे की जांच करने वाले विवेचक अयोध्या प्रसाद वर्मा को इस मुकदमे के अभिलेख की छाया प्रति कोर्ट में जमा करने को कहा था। जिसके बाद 2003 में मुकदमे की मूल अभिलेख के छाया प्रति दाखिल की गई और अब वही मूल अभिलेख की छाया प्रति इलाहाबाद की स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर होकर आए हैं। जहां पर सुनवाई के दौरान राज बब्बर को के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई सात जनवरी 2019 को होगी। मुकदमे पर सुनवाई स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने की।

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