Uttar Pradesh में किसानों के लिए खुशखबरी! CM Yogi ने रबी फसलों के MSP में की भारी बढ़ोतरी! क्या हैं नई दरें?
Uttar Pradesh Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई वाली सरकार ने 2026-27 मार्केटिंग ईयर के लिए रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP बढ़ाने का ऐलान किया है। ऐसे समय में जब खेती की लागत बढ़ रही है और बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है, यह फैसला किसानों के लिए काफी मददगार माना जा रहा है। चना, मसूर, सरसों और अरहर की खरीद दरें पिछले साल से 225 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ा दी गई हैं।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार (31 मार्च 2026) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घोषणा को 'किसानों का सुरक्षा कवच' बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से की गई यह बढ़ोतरी इनपुट लागत और बाजार अनिश्चितता के बीच किसानों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करेगी। आइए समझें नई दरें क्या हैं?

Uttar Pradesh New MSP Rates List (2026-27): नई MSP दरें (2026-27) - पूरी सूची
| फसल | नई MSP (₹ प्रति क्विंटल) | पिछले साल से बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| चना | 5,875 | +225 |
| मसूर | 7,000 | +300 |
| सरसों | 6,200 | +250 |
| अरहर | 8,000 | - |
ये दरें 2 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए खरीद सत्र के लिए लागू होंगी।
खरीद कब और कितनी होगी?
- खरीद अवधि: 2 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक (कुल 90 दिन)
- खरीद लक्ष्य (लाख मीट्रिक टन में):
- मसूर: 6.77 (कुल उत्पादन का 100%)
- सरसों: 5.30
- चना: 2.24
- अरहर: 1.14
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी किसान MSP से कम भाव पर मजबूरन न बेचे।
पारदर्शिता के लिए नया सिस्टम - आधार और DBT
पिछली सरकारों की तुलना में योगी सरकार ने दालों-तिलहनों की खरीद को प्राथमिकता दी है। इस बार पूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है:
- हर खरीद केंद्र पर आधार-आधारित POS मशीन लगाई जाएगी।
- सिर्फ असली किसान ही बेच सकेंगे - बिचौलियों का रास्ता बंद।
- उपज का पूरा पैसा DBT (Direct Benefit Transfer) से सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में।
इससे भ्रष्टाचार कम होगा और प्रक्रिया तेज़ होगी।
कौन-कौन संभालेगा खरीद?
- केंद्र और राज्य एजेंसियों का संयुक्त नेटवर्क:
- केंद्रीय एजेंसियां: NAFED और NCCF
- राज्य एजेंसियां: UPPCU, UPPCF, JAFED, UPSS
कुल 190 से ज्यादा खरीद केंद्र खोले जाएंगे।
पिछले साल का रिकॉर्ड और इस बार का लक्ष्य
पिछले सत्र में इस योजना से 20,000 से ज्यादा किसान लाभान्वित हुए थे। इस बार सरकार दायरा और बढ़ाने जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान उच्च MSP और सीधी सरकारी खरीद का फायदा उठा सकें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
रबी सीजन में इनपुट लागत (खाद, बीज, सिंचाई) बढ़ने और बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसान अक्सर घाटे में रह जाते थे। योगी सरकार का यह कदम न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगा बल्कि दालों-तिलहनों की कीमतों को स्थिर रखते हुए पूरे राज्य की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगा।
किसान साथियों के लिए सलाह है कि खरीद शुरू होने से पहले अपने नजदीकी केंद्र की जानकारी ले लें। आधार और बैंक खाता लिंक होना जरूरी है। ज्यादा जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय या UP कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें।
योगी सरकार ने MSP बढ़ाकर और खरीद तंत्र को डिजिटल बनाकर साफ संदेश दिया है - 'किसान कल्याण हमारी प्राथमिकता है'। यह फैसला लाखों किसान परिवारों के लिए वाकई राहत भरा साबित होगा।












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