CM से न्याय मांगा तो यूपी पुलिस ने सिखाया सबक, मथुरा में किसान का आरोप, पुलिस बोली- झूठी कहानी
Police brutality in Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राज्य की कानून व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक किसान ने पुलिस पर ₹20,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया और जब उसने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज की, तो उसके बाद जो हुआ, वह चौंकाने वाला था। किसान का आरोप है कि शिकायत के बाद चौकी प्रभारी ने न सिर्फ उसे थाने बुलाया, बल्कि बेरहमी से पीटते हुए उसके गुप्तांगों पर लात-घूंसे भी मारे, जिससे हालत गंभीर हो गई।
हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बयान जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने फर्जी कॉल करके फायरिंग की झूठी सूचना दी थी, और उसके खिलाफ कार्रवाई इसी संदर्भ में की गई।

क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने पुलिस व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक स्थानीय किसान से पुलिस चौकी में किसी कार्य को निपटाने के एवज में ₹20,000 की रिश्वत की मांग की गई थी। जब किसान ने ये पैसा देने से इनकार कर दिया और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कर दी, तो शायद उसने कल्पना भी नहीं की थी कि इसके बदले उसे अपनी शारीरिक और मानसिक यातना का सामना करना पड़ेगा।
आरोप है कि कपिल नगर चौकी के इंचार्ज ने उस किसान को थाने बुलाया और खुलेआम धमकाने के बाद बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि पुलिसकर्मी ने सिर्फ मारपीट ही नहीं की, बल्कि किसान के गुप्तांगों पर लात-घूंसे बरसाए, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। पीड़ित को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज चल रहा है।
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पुलिस ने मारपीट की बात को नकारा
वहीं इस घटना को लेकर पुलिस ने बयान जारी किया है। पुलिस ने मार-पीट की बात को झूठा करार दिया है। पुलिस के मुताबिक, 'सोशल मीडिया पर चौकी प्रभारी अंडीग द्वारा शिकायतकर्ता के साथ मारपीट करने एवं कतिपय आरोप लगाने के सम्बन्ध एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी गोवर्धन मथुरा द्वारा जांच की गई तो तथ्य इस प्रकाश पाये गये कि थाना गोवर्धन क्षेत्रान्तर्गत चौकी अडींग पर दिनांक 26.07.2025 शिकायतकर्ता बृजेश उर्फ बृजमोहन पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी माधुरी कुंड थाना गोवर्धन जनपद मथुरा द्वारा डायल 112 पर सूचना दी गई कि ग्राम माधुरीकुण्ड में फायरिंग हुई है, जिसमें 05-06 लोगो को गोली लग गई है। इस सूचना पर पीआरवी व चौकी प्रभारी अडींग कपिल नागर मौके पर पहुंचे तो आसपास के लोगो ने बताया कि फायरिंग की कोई घटना नही हुई। शिकायतकर्ता द्वारा अपना मोबाइल बन्द कर लिया गया था।
अगले दिन दिनांक 27.07.2025 को शिकायतकर्ता के पिता प्रहलाद सिंह द्वारा जमीनी विवाद को लेकर झगडा किया जा रहा था । उ0नि0 कपिल नागर द्वारा प्रहलाद सिंह के विरूद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस की कार्यवाही की गयी। उसी दिन शाम के समय उ0नि0 कपिल नागर द्वारा बृजेश उर्फ बृज मोहन को अडींग चौकी पर बुलाया गया ।
शिकायतकर्ता अपने माता पिता व भाई के साथ चौकी पर आया। उ0नि0 कपिल नागर द्वारा बृजेश से पूछा गया कि आपने कल 112 पर झूठी सूचना क्यो दी थी इतने में ही बृजेश उर्फ बृज मोहन शोर मचाने लगा कि मेरे अण्डकोश में दर्द हो रहा है। मुझे हाइड्रोशील की बीमारी है। तभी बृजेश को पुलिस व उसके परिजन लेकर डाक्टर के यहाँ पर गये । चौकी पर बृजेश उर्फ बृज किशोर के साथ किसी के द्वारा कोई मारपीट होना संज्ञानित नहीं हुई है। वायरल वीडियो में लगाये गये मारपीट व अन्य कतिपय आरोप असत्य एवं निराधार है।
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विपक्षी दलों ने साधा निशाना
वहीं इस घटना को लेकर विपक्षी दल सरकार पर निशाना साध रही है। समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'मथुरा में एक किसान से किसी कार्य के लिए पुलिस द्वारा बीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई, जिसकी शिकायत किसान ने CM पोर्टल पर कर दी। जिसकी वजह से चौकी इंचार्ज कपिल नागर ने किसान को थाने बुलाया और उसके निजी अंगों पर लातों से प्रहार किया। योगीराज में न्याय सिर्फ कागजों और झूठे प्रचार प्रसार में है। गरीबों को न्याय नहीं सिर्फ प्रताड़ना मिलती है।'












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