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'माया' के गढ़ में होगा बड़ा खेल! 'हाथी' की सवारी कर चुके रितेश पांडे क्या खिला पाएंगे अंबेडकरनगर में 'कमल'

लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा हो चुकी है। देश का 18वां आम चुनाव 7 चरणों में आयोजित किया जाना है। इस आम चुनाव में राम मनोहर लोहिया की सरजमीं, उत्तर प्रदेश की अम्बेडकरनगर लोकसभा सीट चर्चाओं में बना हुआ है। वजह हैं रितेश पांडे, जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अम्बेडकरनगर लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व नेता रितेश पांडे इस बार पाला बदल कर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में इस सीट से सपा और बसपा के सयुंक्त उम्मीदवार के रूप में रितेश पांडे को जीत मिली थी।
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Ambedekarnagar Seat

रितेश पांडे को 564118 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे भाजपा प्रत्याशी मुकुट बिहारी वर्मा को 468233 वोट मिले थे वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राकेश 15167 वोट के साथ तीसरे स्थान पर थे।
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यूपी की इस सीट पर रह चुका है सपा, बसपा और बीजेपी का कब्जा

यूपी की इस सीट को किसी एक पार्टी का गढ़ कहना सही नहीं होगा। अम्बेडकरनगर सीट पर सपा, बसपा और भाजपा दोनों का कब्जा रह चूका है। बसपा सुप्रीमो मायावती भी इस सीट से सांसद रह चुकी हैं।

अयोध्या जिले से अलग होकर बना अम्बेडकरनगर जिला पूर्वांचल के गांधी के रूप में मशहूर जयराम वर्मा और समाजवाद के पुरोहित डॉ राम मनोहर लोहिया की जन्मस्थली के रूप में भी मशहूर है। अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना के बाद इस लोकसभा क्षेत्र का महत्व भी बढ़ा है। पर्यटन की दृष्टि से देखे तों यहां का श्रवण धाम एक महत्वपूर्ण स्थान है।
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बसपा छोड़ भाजपा में शामिल हुए रितेश को दिया पार्टी ने टिकट
इस बार लोकसभा चुनाव में अम्बेडकरनगर से भाजपा ने रितेश पांडे को अपना उम्मीदवार बनाया है। सपा के उम्मीदवार लालजी वर्मा हैं, जिनके माध्यम से पार्टी ने पिछड़ों की राजनीति साधने का प्रयास किया है। बसपा इस बार चुनाव में निष्क्रिय है और एक ऐसे मुस्लिम चेहरे को अपना उम्मीदवार बनाया है जो बिल्कुल अनजान है।

सपा ने इस बार चुनाव को अगड़ा बनाम पिछड़ा का रुख दे दिया है। वहीं, बीते लोकसभा चुनाव में जीते दर्ज करने वाले बसपा के उम्मीदवार को अपने साथ मिलाकर बीजेपी ने भी बड़ा दाव खेला है। अम्बेडकरनगर जिले में इस बार का लोकसभा चुनाव काफी रोचक होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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दलित और मुस्लिम वोटर्स हैं ज्यादा
अम्बेडकरनगर लोकसभा सीट पर अगर जातीय समीकरण की बात करें तो यहां दलित और मुस्लिम वोटों की अधिकता है। इस लोकसभा सीट पर लगभग 3 लाख से ज्यादा दलित और तकरीबन इतने ही मुस्लिम वोटर्स हैं। इसके बाद यहां कुर्मी वोटर्स की अधिकता है। अम्बेडकरनगर लोकसभा सीट पर लगभग 2 लाख कुर्मी जाती के मतदाता हैं। जबकि 1 लाख ब्राह्मण और 1 लाख ठाकुर वोटर्स यहां हैं।

5 विधानसभा क्षेत्र हैं शामिल
अम्बेडकरनगर लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। अम्बेडकरनगर की जलालपुर,अकबरपुर,टांडा और कटेहरी और जबकि अयोध्या जिले की एक सीट गोसाईगंज इस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में 26444 युवा ऐसे हैं जो इस चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे। यहां कुल मतदाताओं की संख्या 18 लाख 52 हजार 627 है। जिसमें 9 लाख 64 हजार 663 पुरुष और 8 लाख 87 हजार 946 महिला वोटर्स शामिल हैं।
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इस लोकसभा क्षेत्र में महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज और एनटीपीसी जैसे संस्थान मौजूद हैं। यहां स्थित श्रवण धाम को अयोध्या का पूर्वी द्वार भी कहा जाता है। यह वह स्थान है जहां भगवान राम के वन जाने की पटकथा लिखी गयी थी।

पौराणिक कथाओं के अनुसार यह वहीं जगह है जहां तमसा नदी के किनारे त्रेता युग मे राजा दशरथ के शब्द भेदी बाण से मातृ-पितृ भक्त श्रवण कुमार की मृत्यु हुई थी और श्रवण के माता पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग में मरने का श्राप दिया था। इसी वजह से इसे श्रवण धाम कहते हैं। इस लोकसभा क्षेत्र को कपड़ा बुनाई के लिए भी जाना जाता है। यहां बना टेरीकाट कपड़ा और आराफाती गमच्छा विदेशों तक निर्यात किया जाता है।
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