UP Lok Sabha Chunav Result 2024: बड़े नेता के तौर पर अखिलेश यादव का उदय, काम कर गया M-Y फैक्टर
Uttar Pradesh Lok Sabha Chunav Result 2024: अखिलेश यादव की अगुवाई में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। अखिलेश की अगुवाई में यूपी में इंडिया गठबंधन ने रिकॉर्ड प्रदर्शन किया और 40 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है।
समाजवादी पार्टी की बुलंदियों पर पहुंचाने वाले मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश यादव के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती थी कि वह पार्टी को फिर से नई ऊंचाई पर पहुंचाएं। 2012 में यूपी विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुलायम सिंह ने अखिलेश यादव को यूपी की कमान सौंपी थी।

लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव सपा को करारी हार मिली थी और पार्टी सिर्फ 5 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन अखिलेश के नेतृत्व में पहली बार सपा ने अबतक की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने जा रही है और इस जीत के हीरो अखिलेश यादव बनकर उभरे हैं।
2012 के बाद अखिलेश की पहली बड़ी जीत
2012 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव की अगुवाई में सपा को एक के बाद एक तीन चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा। ऐसे में अखिलेश यादव के नेतृत्व पर सवाल खड़ा होने लगा था।
लेकिन अब यूपी में लोकसभा चुनाव में सपा ने अखिलेश की अगुवाई में जबरदस्त वापसी करते हुए तकरीबन 35 सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है।
2017 की हार
वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को एक और करारी हार का मुंह देखना पड़ा और भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाई। भाजपा ने अकेले 312 सीटों पर प्रचंड जीत दर्ज की और सपा 47 सीटों पर सिमट गई।
2019 की हार
इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में फिर से सपा को बुरी हार का मुंह देखना पड़ा और पार्टी 5 सीटों पर सिमट गई। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और 80 में से 37 सीटों पर अपने उम्मीदवार को उतारा। लेकिन यूपी में भाजपा ने 62 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि बसपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की।
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 में से 10 यादव उम्मीदवारों को टिकट दिया था। 2014 में सपा ने 78 में से 12 यादव उम्मीदवारों को टिकट दिया था। जिसमे से 4 उम्मीदवार मुलायम परिवार के सदस्य थे।
2022 की हार
2022 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने अकेले 253 सीटों पर जीत दर्ज की। हालांकि सपा की सीटें बढ़ी और पार्टी ने 107 सीट पर जीत दर्ज की। इस बार लोकसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस का हाथ थामा और 62 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे।
एमवाई फैक्टर
अखिलेश यादव यूपी में मुस्लिम यादव वोट बैंक को लेकर काफी आश्वस्त थे, उन्हें भरोसा था कि गैर यादव ओबीसी वोटर भी उनका समर्थन करेंगे। ऐसा ही होता हुआ भी दिखा। सपा ने इस बार सिर्फ पांच यादव उम्मीदवार मैदान में उतारे। ये सभी यादव परिवार के सदस्य हैं।
सपा नेता का कहना है कि मुस्लिम और यादव आखिरकार हमारे साथ आए हैं। पार्टी का वोट शेयर बढ़ा है। पार्टी ने गैर यादव-ओबीसी छोटे दलों के साथ हाथ मिलाया। पार्टी ने अन्य समुदाय के लोगों को अपने साथ लेने का काम किया, अगणी जातियों का भी वोट पार्टी को मिला है।
इस चुनाव में अखिलेश यादव ने एम-वाई यानि मुस्लिम यादव फैक्टर की बात कही। उन्होंने पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानि पीडीए का विस्तार एमवाई फैक्टर में किया। जिसका पार्टी को इस चुनाव में लाभ मिला है। अखिलेश यादव ने नारा दिया था कि ली है पीडीए ने अंगड़ाई, भाजपा की शामत आई।
वोट बैंक को किया मजबूत
पार्टी ने 5 टिकट यादव समुदाय के लोगों को दिया, 27 ओबीसी उम्मीदवार, 11 अगणी जाति के उम्मीदवारों को टिकट मिला। जिसमे चार ब्राह्मण, दो ठाकुर, दो वैश्य, एक खत्री उम्मीदवार शामिल है। साथ ही चार मुस्लिम उम्मीदवारों को भी टिकट दिया गया। एससी रिजर्व सीटों पर पार्टी ने 15 दलित उम्मीदवार भी उतारे।












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