UPGIS23: यूपी के ग्लोबल समिट में निवेशकों से बोले पीएम- मत भूलिए यहां की आबादी 25 करोड़ है
उत्तर प्रदेश के ग्लोबल समिट में बोलते हुए पीएम मोदी ने यूपी की तारीफ की। इस मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में काफी मजबूत हुआ है।

Uttar Pradesh Global Investors Summit: उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की आज से शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट की शुरुआत की है। इस मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में काफी मजबूत हुआ है। बिजली से लेकर कनेक्टिविटी तक हर क्षेत्र में सुधार आया है। बहुत जल्द यूपी देश के उस एकलौते राज्य के तौर पर जाना जाएगा, जहां पर पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ यूपी में सरकारी सोच ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए बदली है। भारत अगर आज दुनिया के लिए ब्राइट पोर्ट है तो यूपी भारत के ग्रोथ को ड्राइव करने वाला अहम नेतृत्व दे रहा है। निवेशकों से पीएम ने कहा कि मत भूलिए आप जिस प्रदेश में आप बैठे हैं उसकी आबादी करीब 25 करोड़ है, जोकि कई देशों की तुलना में अधिक है। आज भारत में सोशल, फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो काम हुआ है, उसका बड़ा लाभ यूपी को भी मिला है, इस कारण आज यहां समाज बहुत कनेक्टेड और इन्क्लुजिव हो गया है।
इस वर्ष के बजट में 35 हजार करोड़ रुपए सिर्फ एनर्जी ट्रांसमिशन के लिए रखा है, यह दिखाता है कि हमारा इरादा क्या है। मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हमारे इसी इरादे को बुलंद करता है। इस बजट में इससे जुड़ा पूरा इकोसिस्टम बेहतर करने के लिए कदम उठाए गए हैं। मुझे खुशी है कि नई वैल्यू और सप्लाई चेन विकसित करने के लिए यूपी नया चैंपियन बनकर उभर रहा है। परंपरा और आधुनिकता से जुड़े उद्योगों का, एमएसएमई का एक बहुत ही सशक्त नेटवर्क यूपी में आज वाइब्रेंट है। भदोही की कालीन और बनारस का सिल्क है। यही वजह है कि यूपी भारत का टेक्सटाइल हब है। भारत में 60 फीसदी से ज्यादा मोबाइल का उत्पादन होता है। सबसे ज्यादा मोबाइल कंपोनेंट यूपी में बनता है। डिफेंस कोरिडोर भी यूपी में बन रहा है।
आज मेड इन इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय सेना को भी हम अधिक से अधिक मेड इन इंडिया डिफेंस सिस्टम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस महान काम का नेतृत्व इसी लखनऊ के कर्मवीर राजनाथ सिंह जी संभाल रहे हैं। साथियों यूपी में तो डेरी, फिशरीज और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बहुत संभावना है। फल और सब्जियों को लेकर यूपी में बहुत विविधता है, यह ऐसा सेक्टर है जहां अभी भी प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बहुत सीमित है। फूड प्रोसेसिंग के लिए हम पीएलआई स्कीम लेकर आए हैं, इसका लाभ आपको उठाना चाहिए। सरकार का यह प्रयास है कि इनपुट से लकर पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट तक एक आधुनिक व्यवस्था किसानों के लिए बने। छोटे निवेशक एग्री इंफ्रा फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं।
यूपी में गंगा के किनारे दोनों तरफ 5 किलोमीटर तक नेचुरल फार्मिंग शुरू हो गई है। इसमे भी प्राइवेट निवेशकों के लिए अनेक संभावनाएं हैं। भारत में एक और नया अभियान हमारे मिलेट्स को लेकर शुरू हुआ है। भारत के ये मिलेट्स आमतौर पर लोगों की भाषा में इसे मोटा अनाज कहते हैं। विश्व बाजार में इसकी पहचान बने इसके लिए हमने बजट में इसे श्रीअन्न का नाम दिया है। इसमे न्यूट्रीशन वैल्यू बहुत अधिक है, यह सुपरफुट है। जैसा श्रीफल का महत्व है, वैसा ही श्रीअन्न का महत्व आने वाले समय में बढ़ने वाला है। दुनिया इस वर्ष को इंटरनेशनल इयर ऑफ मिलेट्स के रूप में मना रही है। एक तरफ हम किसानों को श्रीअन्न के उत्पादन के लिए प्रेरित कर रहे हैं तो दूसरी तरफ इसके लिए ग्लोबल मार्केट का भी विस्तार कर रहे हैं।












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