Uttar Pradesh by-elections Results 2022: बीजेपी में "रामपुर" जीतने की खुशी तो "मैनपुरी-खतौली" हारने का गम

यूपी में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में सपा-भाजपा और आरएलडी तीनों पार्टियों को कुछ न कुछ मिला है। सपा ने मैनपुरी के रुप में अपना किला बचाया लेकिन बीजेपी ने रामपुर में आजम के गढ़ में सेंध लगा ली।

बीजेपी

Uttar Pradesh by-elections Results 2022: उत्तर प्रदेश में कुछ महीने पहले ही रामपुर-आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में झंडे गाड़ने वाली बीजेपी के लिए अच्छा ये रहा कि वह सपा के दिग्गज नेता आजम खां के गढ़ में कमल खिलाने में कामयाब रही है। हालांकि मैनपुरी और खतौली में हुए उपचुनावों में बीजेपी को हार मिली है। मैनपुरी में अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव ने ऐतिहासिक अंतर से बीजेपी के उम्मीदार को हराया जबकि खतौली में राष्ट्रीय लोकदल के चीफ जयंत चौधरी की मेहनत रंग लाई और सपा के साथ मिलकर बीजेपी को हराने का करिश्मा कर दिखाया।

रामपुर में जीती लेकिन खतौली हारी बीजेपी

रामपुर में जीती लेकिन खतौली हारी बीजेपी

बीजेपी यूपी में लगातार सफलता के रथ पर सवार थी। 2012 के चुनाव के बाद बीजेपी को यूपी में लगातार चुनावों में जीत मिल रही थी। चाहे 2014 हो या फिर 2017 या फिर 2019 या 2022 का चुनाव सबमें बीजेपी को शानदार सफलता मिली थी। कुछ महीने पहले रामपुर और आजमगढ़ चुनाव में भी बीजेपी ने सपा को मात दी थी। लेकिन इस बार रामपुर ने बीजेपी की लाज बचा ली। हालांकि बीजेपी ने यहां पहली बार कमल खिलाने का कारनामा कर दिखाया।

उपचुनावों के बाद अब नगर निकाय चुनाव भी बड़ी चुनौती

उपचुनावों के बाद अब नगर निकाय चुनाव भी बड़ी चुनौती

उपचुनावों में मिली हार के बाद अब बीजेपी के सामने दूसरी चुनौती नगर निगम के चुनावों की है। इसी महीने के अंत में या जनवरी की शुरुआत में नगर निकाय के चुनाव होने हैं। बीजेपी इस चुनाव में अपना परचम लहराना चाहेगी। उपचुनाव की जीत के बाद सपा भी काफी उत्साहित होगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ होगा। सपा बढ़े हुए मनोबल के साथ मैदान में उतरने का काम करेगी। नगर निकाय चुनावों को 2024 के चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा रहा है।

क्या यूपी को पूरा समय नहीं दे पाए योगी

क्या यूपी को पूरा समय नहीं दे पाए योगी

यूपी के चुनावों में क्या इस बार योगी की लहर नहीं चली। विधानसभा चुनावों में योगी ने अपनी रैलियों की दम पर बीजेपी को जीत दिलाने का काम किया था। हालांकि इस बार हिमाचल और गुजरात चुनाव में योगी की रैलियां लगाईं गईं थीं। वह उतनी रैलियां नहीं कर पाए जितनी होनी चाहिए। वह यूपी में कुछ सभाओं को ही संबोधित कर पाए थे। हालांकि मैनुपरी में जहां अखिलेश ने पूरी ताकत झोंक रखी थी उसी तरह रामपुर का चुनाव आजम की प्रतिश्ठा का सवाल बना हुआ था लेकिन आजम के गढ़ में बीजेपी ने सेंध लगाने में कामयाबी हासिल कर ली।

बीजेपी को उपचुनाव में हुआ नुकसान

बीजेपी को उपचुनाव में हुआ नुकसान

उत्तर प्रदेश में तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी केवल एक ही सीट जीत पाई है। खासतौस बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की। ये चुनाव बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के लिए एक सबक हैं कि पार्टी के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। नए प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही नए संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह के लिए भी ये उपचुनाव अच्छे साबित नहीं हुए। बीजेपी के नेताओं की माने तो आने वाले समय में दो सीटों पर हुई हार को लेकर मंथन किया जाएगा और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

इस तरह कैसे पूरा होगा बीजेपी के मिशन 75 का टारगेट

इस तरह कैसे पूरा होगा बीजेपी के मिशन 75 का टारगेट

यूपी में बीजेपी ने अगले लोकसभा चुनाव में यूपी में 80 में से 75 सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा है। इसी टारगेट को सामने रखकर वह अपनी तैयारी कर रही है। रामपुर-आजमगढ़ में मिली जीत के बाद बीजेपी को लग रहा था कि ये लक्ष्य 2024 में काफी आसानी से मिल जाएगा लेकिन दो सीटों मैनपुरी और खतौली में पार्टी का जो हाल हुआ है उसने फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। कहा जाता है कि उपचुनाव हमेशा सत्ता पक्ष के लिए होता है लेकिन सत्ता होने के बावजूद तीनों सीटों पर हार और उसमें भी खतौली जैसी अपनी सीट हार जाना काफी चिंता की बात है।

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