BJP के लिए 2017 में खत्म हुआ था सत्ता का सूखा, जानिए पिछले विधानसभा चुनाव में क्या थी UP की स्थिति?
लखनऊ, 08 जनवरी। देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर की दस्तक के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को टाला जा सकता है। हालांकि आज भारतीय निर्वाचन आयोग चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर ये स्पष्ट कर दिया है कि इलेक्शन तय समय पर ही होंगे। मालूम हो कि आज यानी शनिवार को चुनाव आयोग उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की।

बीजेपी के लिए 2017 में खत्म हुआ था सत्ता का सूखा
सभी पांच राज्यों में सबसे अहम उत्तर प्रदेश के चुनाव माने जा रहे हैं, क्योंकि इस राज्य के नतीजों से सत्तारूढ़ दल भारतीय जानता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने रोड मैप तैयार करेगी। उत्तर प्रदेश में सत्ता का लंबा सूखा देखने के बाद बीजेपी ने 2017 में प्रचंड बहुमत से वापसी की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो मतदान 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में आयोजित किए गए थे। उस दौरान उत्तर प्रदेश की 61 फीसदी योग्य जनता ने चुनाव में अपने मतों का इस्तेमाल किया था।
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कब-कब हुए मतदान और कब आए नतीजे?
उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनाव में पहले चरण के लिए 11 फरवरी, दूसरे चरण के लिए 15 फरवरी, तीसरे के लिए 19 फरवरी, चौथे के लिए 23 फरवरी, पांचवें के लिए 27 फरवरी, छठे के लिए 4 मार्च और सातवें व अंतिम चरण के लिए 8 मार्च को वोटिंग की गई थी। चुनाव के नतीजों का ऐलान 11 मार्च, 2017 को किया गया था। 2014 लोकसभा चुनाव की तरह यूपी में भी मोदी लहर का काफी प्रभाव पड़ा, नतीजों वाले दिन बीजेपी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर प्रदेश की सत्ता में अपनी वापसी का शंखनाद किया।
किसके हिस्से में आईं कितनी सीटें?
पिछले चुनाव में बीजेपी ने 312 सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत प्राप्त किया। वहीं, सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन को सिर्फ 54 सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हिस्से में सिर्फ 19 सीटें आईं। इन नतीजों से साफ हो गया कि उत्तर प्रदेश में अब पांच वर्षों के लिए बीजेपी को कोई नहीं हिला सकता। नतीजे सामने आने के बाद 18 मार्च 2017 को भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य एवं दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था। इसके एक दिन बाद यानी 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ ने यूपी के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।













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