UP Assembly Election 2022: भाजपा छोड़ सपा में जाने वाले 'स्वामी' थे कभी माया के सगे, जानिए राजनीतिक सफर

लखनऊ, 12 जनवरी। यूपी की 403 विधानसभा सीट पर 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक सात फेस में वोटिंग होगी, चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से इस वक्त राज्य में सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है, राजनीतिक दलों में जोड़-तोड़ का खेल जारी है कि इसी बीच मंगलवार को सत्ताधारी पार्टी भाजपा को तगड़ा झटका तब लगा जब योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कमल का साथ छोड़कर सपा का दामन थाम लिया, इस बड़े झटके के पीछे कारण स्वामी ने भाजपा की ओर से दलितों और पिछड़ों की घोर उपेक्षा को बताया है, हालांकि राजनीतिक पंडितों का कहना है कि पुत्र मोह और ऊंचाहार विधानसभा सीट की वजह से स्वामी ने योगी का साथ छोड़ा है क्योंकि इस बार पार्टी उनके बेटे का टिकट ऊंचाहार से काटने की फिराक में थी।

स्वामी का जाना भाजपा को करारा झटका

स्वामी का जाना भाजपा को करारा झटका

फिलहाल कयासों का दौर जारी है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि चुनाव से एक महीने पहले स्वामी का भाजपा का यूं साथ छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा झटका है।

बसपा सुप्रीमो मायावती को भी दिया था स्वामी ने झटका

आपको बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्या ने ऐसा ही करारा झटका साल 2017 में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बसपा सुप्रीमो मायावती को भी दिया था। कभी मायावती के काफी करीबी रहे स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार से विधायक हैं और उनका एक लंबा जीवन बसपा में बीता है।

माया ने नहीं दिया था स्वामी के बेटे-बेटियों को टिकट

माया ने नहीं दिया था स्वामी के बेटे-बेटियों को टिकट

मौजूदा दौर में पडरौना के विधायक स्वामी ने माया का साथ इसलिए छोड़ा था क्योंकि तब पार्टी ने उनके बेटे-बेटियों को टिकट नहीं दिया था। आपको बता दें कि उनकी बेटी संघमित्र मौर्य बदायूं से बीजेपी की सांसद हैं, जबकि उनके बेटे उत्कृष्ट मौर्य ऊंचाहार से भाजपा के टिकट पर साल 2017 में चुनाव हार गए थे।

 मौसमी वैज्ञानिक

मौसमी वैज्ञानिक

यूपी की सियासत में स्वामी प्रसाद मौर्य को सियासी मौसमी वैज्ञानिक कहकर संबोधित किया जाता है। जिस तरह से मौसम का कुछ अता-पता नहीं होता है, ठीक उसी तरह से स्वामी के फैसले के बारे में भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

हाथी से उतरकर पहना भगवा चोला

साल 2017 में किसी को ऐनवक्त तक नहीं मालूम था कि वो हाथी से उतरकर भगवा का चोला ओढ़ लेंगे, ठीक इस बार भी किसी को यकीन नहीं था कि वो साइकिल पर सवार हो जाएंगे। बसपा को छोड़कर भाजपा में आने पर उन्होंने कहा था कि 'बीजेपी को ही चुनाव जीतना है और वो जीतेगी ' इसलिए इस बार जब वो भाजपा को छोड़कर सपा में शामिल हुए तो सपा समर्थकों ने कहना शुरू कर दिया है कि 'अब भाजपा जरूर हारेगी क्योंकि मौसम वैज्ञानिक' उनके साथ है। ' वो कितना सही साबित होते हैं, ये तो 10 मार्च को पता चलेगा, जिस दिन चुनावी परिणाम आएंगे।

पडरौना से विधायक हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

पडरौना से विधायक हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

मालूम हो कि पांच बार से विधायकी का चुनाव जीत रहे स्वामी प्रसाद मौर्य चार बार बसपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। अपनी वफादारी के दम पर स्वामी बसपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं। मायावती की हर मीटिंग का वो अहम हिस्सा हुआ करते थे। वो दो बार डलमऊ से और तीन बार से पडरौना सीट से विधायक चुने गए हैं। स्वामी एक बार एमएलसी भी रह चुके हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+