अब दुबई में फंसा प्रतापगढ़ का दिलशाद, मां की सुषमा स्वराज से गुहार...
दिलशाद का मोबाइल भी छीन लिया गया। किसी तरह ये खबर दिलशाद ने घर पहुंचाई तो परिजन बेटे को वापस बुलाने के लिए रिश्तेदार, एजेंट से मिन्नत करने लगे।
इलाहाबाद। एक और भारतीय कामगार खाड़ी देश दुबई में फंस गया है। एजेंट की धूर्तबाजी में यूपी के प्रतापगढ़ का दिलशाद टूरिस्ट वीजा पर दुबई काम करने भेजा गया। अब दिलशाद को दुबई में उसके मालिक ने ही बंधक बना लिया है। उसका फोन भी छीन लिया गया है। मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार के बाद विदेश मंत्रालय ने शिकायत दर्ज कर ली है। फिलहाल दिलशाद की कोई हाल खबर अभी तक घरवालों को नहीं मिल पाई है।

क्या है मामला?
प्रतापगढ़ जिले के पल्टन बाजार का रहने वाला दिलशाद दुबई काम करने जाना चाहता था। ये बात उसने अपने बाराबंकी वाले रिश्तेदार असलम को बताई। तो असलम ने समरांवा, बाराबंकी के रहने वाले एजेंट आलम से दिलशाद को मिलवाया। डेढ़ लाख रुपए लेकर एजेंट ने दिलशाद को दुबई भेजने का भरोसा दिलाया और दिलशाद को डेट दी। लगभग 6 महीने पहले दिलशाद दुबई काम करने पहुंच गया। वो दुबई के आबूधाबी मुसाफा- 37 में मो. कफील के घर काम करने के लिए भेजा गया था। लेकिन वहां पहुंचने पर उसे पता चला कि उसका वीजा टूरिस्ट का है।

दिलशाद ने कफील से उसे वापस भेजने को कहा तो कफील ने कुछ समय काम करने के बाद भेजने की स्वीकृति दी। लेकिन एक महीने बाद जब फिर से दिलशाद ने कफील से बात की तो उसे डांट-फटकारकर काम कराया जाने लगा। दिलशाद इस उम्मीद में रहा कि जब पैसे मिलेंगे तो वो वापस इंडिया लौटेगा। लेकिन लगभग 15 दिन पहले दिलशाद का मोबाइल भी छीन लिया गया। किसी तरह ये खबर दिलशाद ने घर पहुंचाई तो परिजन बेटे को वापस बुलाने के लिए रिश्तेदार, एजेंट से मिन्नत करने लगे। लेकिन कोई सुनवाई न होने पर विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया। साथ ही ट्वीटर पर सुषमा स्वराज से गुहार लगाई गई ।
क्या कह रही है मां?
दिलशाद की मां सहाना बेगम ने रो-रोकर बताया कि 6 महीने से उनका बेटा दुबई में कैद है, वो ठगा गया है। इस समय वो बीमार है लेकिन उसका इलाज तक नहीं कराया जा रहा है। उससे काम कराया जा रहा है और कमरे में कैद कर दिया जाता है। मेरे रिश्तेदार ने तो फोन बंद कर लिया और एजेंट दो लाख रुपए मांग रहा है। बेटे को भेजते समय हमने कर्ज लेकर डेढ़ लाख रुपए दिए थे, अब तो हमारे पास कोई सहारा भी नहीं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ही अब हमारा सहारा हैं, हमने उनसे मदद मांगी है।












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