UP News: Yogi का ‘जीरो टॉलरेंस’ एक्शन! ड्रिंक एंड ड्राइव वालों पर चला हंटर, वसूले 2.65 करोड़
Uttar Pradesh Yogi Adityanath Government Action Drink And Drive: उत्तर प्रदेश पुलिस ने 9 और 10 मई को पूरे राज्य में 'शराब पीकर वाहन चलाने' के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान करीब 70,000 वाहनों की जांच की गई और 2,654 ड्रंक ड्राइवर्स पर जुर्माना लगाया गया। कुल 2.65 करोड़ रुपये का ट्रैफिक चालान जारी किया गया। यह अभियान पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर चलाया गया और जिला नोडल ट्रैफिक अधिकारियों तथा परिवहन विभाग के समन्वय से निगरानी की गई।
यह अभियान केवल ट्रैफिक नियम लागू करने का मामला नहीं है, बल्कि योगी आदित्यनाथ सरकार की 'कानून-व्यवस्था' और 'सुरक्षित उत्तर प्रदेश' की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

प्रदेश में 135 टोल प्लाजा पर तैनात टीमें
अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 135 टोल प्लाजा पर विशेष जांच टीमें तैनात की गईं। इन टीमों को टॉर्च, रिफ्लेक्टिव जैकेट, बॉडी वॉर्न कैमरा, लाउडहेलर और ब्रेथ एनालाइजर जैसे आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया था। कुल 3,645 पुलिसकर्मी (इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, पुरुष-महिला कांस्टेबल और होम गार्ड) इस अभियान में शामिल रहे।
पुलिस ने महिला यात्रियों के साथ विशेष 'मीट एंड ग्रीट' सत्र भी आयोजित किए, जिसमें परिवारों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सुना गया। साथ ही, निर्माण सामग्री ले जा रहे डंपरों और ट्रकों की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (HSRP) की भी मौके पर जांच की गई।
आंकड़ों में सुधार: शराब से जुड़ी दुर्घटनाएं घटीं
उत्तर प्रदेश पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, शराब पीकर गाड़ी चलाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लगातार कमी आई है:
- 2023: कुल दुर्घटनाओं में शराब की हिस्सेदारी- 8.61%
- 2024: 6.05%
- 2025: 3.51%
यह कमी सरकार की सख्त नीतियों, नियमित अभियानों और जागरूकता कार्यक्रमों का नतीजा मानी जा रही है। फिर भी वीकेंड पर नशे में गाड़ी चलाने की घटनाएं अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं, खासकर रात के समय जब पैदल यात्री और अन्य वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
कानूनी प्रावधान क्या है?
मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाना दंडनीय अपराध है।
- पहली बार: 10,000 रुपये जुर्माना या 6 महीने तक की कैद या दोनों।
- दोबारा अपराध: 15,000 रुपये जुर्माना या 2 साल तक की कैद या दोनों।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि 100 मिलीलीटर रक्त में 30 मिलीग्राम (0.03%) से अधिक अल्कोहल पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है।
Yogi सरकार में 'कानून का राज'
योगी आदित्यनाथ सरकार सत्ता में आने के बाद से 'कानून का राज' स्थापित करने पर लगातार जोर दे रही है। अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, नशे की समस्या और महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया जब पंजाब, दिल्ली और अन्य राज्यों में नशे की समस्या को लेकर विपक्षी दल अक्सर UP सरकार की तारीफ करते दिखते हैं। UP पुलिस का यह सख्त रुख 'नशा मुक्त उत्तर प्रदेश' की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब पीकर ड्राइविंग न केवल व्यक्तिगत जान को खतरे में डालती है, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। ऐसे में पुलिस का सक्रिय अभियान समाज में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी माध्यम बन रहा है।
UP पुलिस द्वारा चलाया गया यह वीकेंड अभियान मात्र एक ट्रैफिक अभियान नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक संदेश 'जिंदगी की कीमत से बढ़कर कुछ नहीं' का हिस्सा है। 2,654 लोगों पर 2.65 करोड़ का जुर्माना और हजारों वाहनों की जांच इस बात का सबूत है कि सरकार और पुलिस दोनों ही सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति धीरे-धीरे नतीजे दे रही है।
अब जरूरत है कि आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी समझें। अगर हर व्यक्ति यह संकल्प ले ले कि 'मैं नशे में गाड़ी नहीं चलाऊंगा', तो सड़क दुर्घटनाओं में और कमी आएगी और उत्तर प्रदेश वाकई 'सुरक्षित' और 'सुशासन' वाला प्रदेश बन सकेगा।













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