UP New Scheme: अब बुनकरों को भी मिलेंगे 6000 रुपये? योगी सरकार ला रही PM Kisan जैसी नई स्कीम
UP Government New Scheme: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के लाखों बुनकरों की आर्थिक स्थिति सुधारने और पावरलूम उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। केंद्र की 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) की तर्ज पर अब प्रदेश के पावरलूम बुनकरों को भी सीधी नकद सहायता दी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बुनकरों को हर तीन महीने में एक निश्चित राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी।
सरकार की इस मंशा को धरातल पर उतारने के लिए हथकरघा विभाग ने कमर कस ली है और राज्य के विभिन्न जिलों में बुनकरों का घर-घर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे के जरिए बुनकरों के बैंक विवरण और मोबाइल नंबर जुटाए जा रहे हैं, ताकि 31 जनवरी तक डेटा शासन को भेजा जा सके और योजना का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी देरी के पहुंच सके।

घर-घर सर्वे और डेटा कलेक्शन की प्रक्रिया तेज
हथकरघा विभाग की टीमें वर्तमान में उन मोहल्लों और गांवों में सक्रिय हैं जहां पावरलूम उद्योग का दबदबा है। सर्वे के दौरान निम्नलिखित जानकारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:
- बैंक विवरण: बुनकरों से उनका बैंक खाता नंबर और आईएफएससी (IFSC) कोड लिया जा रहा है।
- डिजिटल कनेक्टिविटी: मोबाइल नंबरों को डेटाबेस से जोड़ा जा रहा है ताकि योजना की सूचना और राशि का अपडेट मिल सके।
- खाता खुलवाने के निर्देश: विभाग उन बुनकरों को तत्काल बैंक खाता खुलवाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जिनके पास अभी तक खाते नहीं हैं, ताकि भविष्य में भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।
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'बुनकर सम्मान निधि': हर तीन महीने मिलेगी सहायता
सरकार की इस नई योजना का मूल उद्देश्य बुनकरों को नियमित आर्थिक बैकअप प्रदान करना है।
- नियमित अंतराल: पंजीकृत बुनकरों को हर तिमाही (तीन महीने) में आर्थिक मदद मिलेगी।
- सीधा लाभ (DBT): बिचौलियों को खत्म करने के लिए पूरी राशि सीधे लाभार्थी के खाते में जाएगी।
- समयबद्ध कार्य: विभाग को 31 जनवरी 2026 तक सभी पंजीकृत बुनकरों का सत्यापित डेटा शासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
पूर्वांचल और आजमगढ़ मंडल पर विशेष फोकस
उत्तर प्रदेश में पावरलूम बुनकरों की सबसे सघन आबादी पूर्वांचल में है। आंकड़ों के अनुसार, यह क्षेत्र इस योजना का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा:
आजमगढ़ मंडल: प्रदेश में सबसे अधिक पावरलूम कनेक्शन इसी मंडल में हैं।
मऊ जिला: यहां करीब 32,000 पावरलूम कनेक्शन दर्ज हैं, जो इसे बुनाई का बड़ा केंद्र बनाते हैं।
आजमगढ़ और गाजीपुर: आजमगढ़ में लगभग 6,000 और गाजीपुर में 1,000 से अधिक कनेक्शनों के माध्यम से साड़ी और अन्य वस्त्रों का उत्पादन होता है।
उद्योग को मिलेगी नई ऊर्जा
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग विभाग के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार सिंह ने कहा, शासन की मंशा बुनकरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। वर्तमान में अब तक लगभग 250 बुनकरों का विस्तृत डेटा जुटाया जा चुका है और यह प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है।
इस योजना के लागू होने से न केवल बुनकरों को दैनिक खर्चों और कच्चा माल खरीदने में मदद मिलेगी, बल्कि पारंपरिक पावरलूम उद्योग को भी नई मजबूती मिलेगी। बिजली कनेक्शन लेकर साड़ी और कपड़ा तैयार करने वाले हजारों परिवारों के लिए यह योजना एक संजीवनी की तरह देखी जा रही है।
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