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UP Voter List 2003: अगर वोटर लिस्ट में ASD में नाम आए तो कैसे हटेगा? जानें सुधार का सबसे आसान तरीका

Up Voter List 2003: यदि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची में ASD (Absent, Shifted, Dead - अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत) श्रेणी में गलती से चिह्नित हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ऐसी त्रुटियों को सुधारने के लिए स्पष्ट नियम और प्रक्रिया तय की है।

खासकर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता अपने नाम को दोबारा सक्रिय (रोल-बैक) करा सकते हैं। जानिए अगर आपका नाम ASD वोटर लिस्ट में आ जाए तो कैेसे नाम बाहर निकालें और नई वोटर लिस्ट में जुड़वाएं...

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क्या है ASD मार्किंग और क्यों होती है समस्या?

ASD voter list उन मतदाताओं के लिए होती है, जो लंबे समय से मतदान के दिन बूथ पर नहीं आए,स्थायी रूप से कहीं और शिफ्ट हो गए हों, या जिनके मृत होने की सूचना मिली हो। लेकिन कई बार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के सर्वे या रिकॉर्ड अपडेट के दौरान पात्र और जीवित मतदाताओं के नाम भी गलती से ASD में डाल दिए जाते हैं, जिससे उनका नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा बन जाता है।

गलती से ASD/SSD मार्क हो गया नाम, तो क्या करें?

अगर किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से ASD (या SSD) मार्क हो गया है, तो उसे ये प्रक्रिया अपनानी चाहिए:

ASD सूची की जांच करें

निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि ASD से संबंधित सूची की 10-10 प्रतियां हर मतदान केंद्र (बूथ) पर उपलब्ध कराई जाएं। मतदाता या राजनीतिक दल के प्रतिनिधि यह सूची प्राप्त कर सकते हैं। सूची का सावधानी से परीक्षण कराएं कि कहीं पात्र मतदाता का नाम गलती से तो नहीं डाला गया।

प्रुफ के साथ आपत्ति दर्ज कराएं

यदि कोई पात्र मतदाता ASD श्रेणी में पाया जाता है, तो उसकी सूची साक्ष्य (पहचान पत्र, निवास प्रमाण, जीवित होने का प्रमाण) के साथ संबंधित ERO (Electoral Registration Officer) या AERO (Assistant ERO) को दें।

रोल-बैक (नाम बहाली) कराएं

नियमों के अनुसार, यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि मतदाता जीवित है और उसी क्षेत्र में रहता है, तो ASD मार्क हटाकर नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी राजनीतिक दल ASD सूची की प्रतियां लें,अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर सत्यापन कराएंसऔर यदि कोई गलती मिले तो तुरंत ERO/AERO को सूचित करें। इससे बड़े पैमाने पर गलत नाम कटने से बचा जा सकता है।

SIR-2026 की नई समय-सीमा क्या है?

भारत निर्वाचन आयोग ने SIR-2026 की समय-सीमा बढ़ाते हुए नई तिथियां घोषित की हैं। आयोग ने SIR-2026 की समय-सीमा बढ़ा दी है। मतदाता सूची का ड्राफ्ट 31 दिसंबर 2025 को जारी होगा। दावे-आपत्तियां 31 दिसंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक ली जाएंगी। सुनवाई 21 फरवरी 2026 तक चलेगी और अंतिम सूची 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।

क्यों जरूरी है समय रहते कार्रवाई?

अगर कोई मतदाता समय पर आपत्ति दर्ज नहीं कराता, तो उसका नामअंतिम मतदाता सूची से हट सकता है,और वह आगामी चुनावों में मतदान से वंचित हो सकता है। इसलिए चुनाव आयोग की सलाह है कि ASD/SSD सूची की तुरंत जांच कराएं और किसी भी त्रुटि को नजरअंदाज न करें।

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