UP Assembly News: सदन के भीतर उठा पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा, जानिए सरकार ने क्या दिया जवाब
उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को लेकर बुधवार को सदन में सपा और बीजेपी के बीच तीखी नोंक झोंक हुई।
UP News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच सपा के सदस्यों ने सरकार पर राज्य कर्मचारियों के संवदेनशील मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। हालांकि सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार की पुरानी पेंशन को लागू करने की फिलहाल कोई मंशा नहीं है।

सदन के शुरू होते ही सपा ने की मांग
विधानसभा में बुधवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई सपा के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा आरएलडी के ग़ुलाम मोहम्मद, सपा जय प्रकाश अंचल और लालजी प्रधान ने उठाया और इस मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग की। प्रश्नकाल के दौरान इन सदस्यों ने जानना चाहा कि क्या सरकार पुरानी पेंशन लागू करेगी।
सपा सदस्यों का सरकार ने दिया जवाब
सपा के सदस्यों का हंगामा देखते हुए सुरेश खन्ना ने कहा की पुरानी पेंशन बहाली की मांग प्रासंगिक नहीं है। इसलिए नई पेंशन ही लागू होगी और ये कर्मचारियों के हित में भी है। सरकार की मंशा सेवानिवृत कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील है। सरकार ने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर ही यह कदम उठाया है।
पुरानी पेंशन सपा सरकार में लागू हुई
सुरेश खन्ना ने पुरानी पेंशन बहाली के मुददे को लेकर सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 2005 में जब यह पेंशन योजना लागू हुई तो यूपी में किसकी सरकार थी। सपा के शासनकाल में ही इस योजना को लागू किया गया था। कर्मचारी संगठनों से इस संदर्भ में बातचीत के दौरान तय हुआ था कि योजना ऐसी हो जिसका लाभ कर्मचारयों को मिले।
कर्मचारियों को उचित ब्याज मिल रहा
खन्ना ने कहा कि नई पेंशन नीति के तहत कर्मचारियों को 9 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वेतन और पेंशन में सरकार का करीब 60 फीसदी हिस्सा खर्च हो रहा है। फिलहाल सरकार पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर कोई विचार नहीं कर रही है।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा ने किया वॉकआउट
सुरेश खन्ना के जवाब से असंतुष्ट होकर समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने हंगामा करते हुए वाक आउट कर दिया और सरकार पर कर्मचारियों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
नए रूल बुक को लेकर हुई चर्चा
इसके बाद सदन में सरकार की ओर से लाई जा रही नए रुल बुक को लेकर चर्चा शुरू हुई। इस मामले को लेकर कई सदस्यों ने अपने अपने सुझाव दिए। चर्चा के अंत में सुरेश खन्ना ने कहा कि कुछ सदस्यों की तरफ से अच्छे सुझाव मिले हैं जिनको शामिल करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद इसे सदन से पास कराया जाएगा।












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