UP Suposhan Abhiyan: 11 लाख बच्चों को रोज मिलेगा हेल्दी डाइट, फल-दूध और प्रोटीन की होगी भरमार, जानें कैसे
UP Suposhan Abhiyan: उत्तर प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ी पहल की है। कुपोषण के खिलाफ निर्णायक लड़ाई छेड़ते हुए राज्य सरकार ने आठ आकांक्षात्मक जिलों में 'मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान' का आगाज़ करने का फैसला लिया है। इस मिशन का मकसद है बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाकर उन्हें पोषण सुरक्षा देना।
प्रदेश सरकार के अनुसार, इससे पहले भी 'संभव अभियान' के जरिए बाल कुपोषण के खिलाफ काम किया गया था, जिससे अच्छे नतीजे मिले। अब योगी सरकार इस प्रयास को और मजबूत करते हुए सुपोषण अभियान को आगे बढ़ाने जा रही है। इस योजना में बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर स्वल्पाहार यानी हल्का भोजन रोजाना दिया जाएगा, ताकि उनका शारीरिक विकास तेज हो सके।

राज्य सरकार ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इन आठ जिलों में करीब 11 लाख बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाएगा। इसके लिए 254 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट तय किया गया है, जिससे हर बच्चे तक पोषण पहुंचाया जा सकेगा।
बच्चों के लिए खास डाइट प्लान तैयार
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत तीन से छह साल के बच्चों को हर दिन 400 कैलोरी और 15-20 ग्राम प्रोटीन युक्त भोजन दिया जाएगा। इसके लिए खास डाइट प्लान बनाया गया है, जिसमें फ्लेवर्ड मिल्क, मिलेट से बनी चिक्की न्यूट्रीबार, मौसमी फल और अन्य पौष्टिक चीजें शामिल की गई हैं।
वाराणसी में जब इसका ट्रायल किया गया, तो इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार दिखा और उन्होंने इस डाइट को पसंद भी किया। अब सरकार इसी मॉडल को बाकी आकांक्षात्मक जिलों में लागू करने जा रही है।
योजना के मुताबिक, जिन 11,13,783 बच्चों को चिह्नित किया गया है, उन्हें हर दिन 44 रुपये की लागत से पौष्टिक स्वल्पाहार दिया जाएगा। इससे बच्चों में कमजोरी दूर होगी और वे शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनेंगे। सरकार ने इस योजना को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से साफ कहा है कि इस अभियान को प्राथमिकता दें और यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में कुपोषण की समस्या पूरी तरह खत्म हो। इसके साथ ही बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यह योजना कारगर साबित हो, यही सरकार का लक्ष्य है।
स्वास्थ्य निगरानी भी होगी सुनिश्चित
इस अभियान में सिर्फ भोजन ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जाएगी। विशेषज्ञों की टीम समय-समय पर बच्चों का चेकअप करेगी, ताकि उनकी सेहत में आ रहे बदलावों का सही आकलन किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस अभियान के जरिए बच्चों को पोषण सुरक्षा मिलने के साथ ही उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। इससे वे भविष्य में बीमारियों से भी बच सकेंगे। फिलहाल यह सुपोषण अभियान आठ जिलों में शुरू हो रहा है, लेकिन सरकार की योजना है कि इसे आगे चलकर पूरे प्रदेश में लागू किया जाए।












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