Sonbhadra: कृष्णा माइंस में मौत का मंजर, खदान ढहने से एक मजदूर की मौत कई लापता, राहत कार्य जारी
Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में शनिवार शाम एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी मचा दी। बिल्ली मरकुंडी क्षेत्र की कृष्णा माइंस में रोज की तरह मजदूर काम कर रहे थे। मशीनों की तेज आवाज, चट्टानों पर लगातार हो रही ड्रिलिंग और धूल के बीच किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल सब कुछ बदल जाएगा। अचानक जोरदार धमाका हुआ और खदान का बड़ा हिस्सा धंस गया। देखते ही देखते दर्जनों टन भारी चट्टानें नीचे आ गिरीं और कई मजदूरों को अपने नीचे दबा दिया।
स्थानीय लोगों ने पहले तेज धूल का गुबार उठते देखा, फिर चीख-पुकार सुनाई दी। कुछ मजदूर किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन कई लोग वहीं फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और बचाव टीमें रवाना की गईं। रातभर राहत कार्य चलता रहा, लेकिन खदान की बनावट और भारी चट्टानों के कारण राहत अभियान बेहद कठिन साबित हो रहा है।

एक मजदूर की मौत, कई लापता
अधिकारियों ने बताया कि अब तक एक मजदूर का शव बरामद किया गया है। अनुमान है कि करीब 15 मजदूर मलवे में दबे हो सकते हैं। रेस्क्यू टीमें सावधानी से पत्थर हटाकर अंदर तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, ताकि किसी को जिंदा निकाला जा सके। इसी बीच आई जानकारी के अनुसार सोनभद्र खदान हादसे में माइनिंग कंपनी के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
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हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ और मिर्जापुर से एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया। दोनों टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, गुफानुमा हिस्से के अंदर बनी चट्टान की दीवार अचानक दरक गई और मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। राहत कार्यों की निगरानी खुद कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि खदान के अंदर की स्थिति बेहद कठिन है और पूरा मलवा हटने के बाद ही सही जानकारी मिल पाएगी।
स्थानीय मंत्री बोले- "जांच होगी, दोषियों पर सख्त कार्रवाई"
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक और यूपी सरकार में मंत्री संजीव कुमार गोंड भी स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस खदान के संचालन की जांच की जाएगी और अगर किसी की लापरवाही सामने आई, तो कठोर कार्रवाई होगी।
रेस्क्यू टीमों के साथ बड़ी मशीनें लगाई गई हैं। हर परत सावधानी से हटाई जा रही है ताकि किसी भी फंसे हुए मजदूर को नुकसान न पहुंचे। स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन की मदद कर रहे हैं। अभी भी राहत कार्य जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।
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