यूपी की इस बेटी को सलाम जिसने मां के लिए निभाया बेटे का फर्ज
यूपी के संभल जिले की प्रेमवती ने अपनी मां की मृत्यु के बाद बेटे का फर्ज निभाते हुए मां के शव को कंधा दिया और अंतिम संस्कार की हर रस्म पूरी की।
संभल। एक ऐसा समाज जहां बेटियों से भेदभाव करने की तमाम खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं, एक बेटी ने तमाम समाजिक मान्यताओं को नकार कर वह काम किया जिसने सबको यह सोचने पर विवश कर दिया कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं। समाज में बेटे को घर का चिराग के रुप में देखा जाता है, इसके पीछे लोगों की मान्यता यह है कि जीवन की अंतिम यात्रा में बेटे ही काम आते हैं लेकिन यूपी की एक बेटी ने अपनी मां की मृत्यु के बाद उसे कंधा दे इस मान्यता को भी झूठा साबित किया।

दरअसल संभल जिले के सरायतरीन इलाके में रहने वाली बसंती को उसके बेटों ने घर से बाहर निकाल दिया जिसके बाद वह अपनी बेटी प्रेमवती के साथ रहने लगी। बेटी ही माँ की देखभाल करती थी जबकि बेटा अलग मकान में रहता था। जीवित रहने पर माँ बसंती की देखभाल करने वाली बेटी प्रेमवती ने ही मृत्यु के बाद मां की अंतिम यात्रा में कंधा दिया और अंतिम संस्कार किया।
हालांकि मां की मृत्यु की सूचना पाकर बेटा भी मौके पर पहुंचा अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई जिसके चलते भाई-बहन के बीच तीखी नोकझोंक हुई लेकिन बाद में पड़ोसियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद बहन को अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी। इसके बाद अंतिम यात्रा में माँ के शव को बेटी ने कंधा दिया और अंतिम संस्कार की हर रस्म पूरी की। वहां मौजूद सभी लोगो ने इस बेटी की सरहाना की।












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