UP Politics: श्रृंगवेरपुर में "श्रीराम-निषादराज गुहा" की दोस्ती का जश्न मनाएगी सरकार, जानिए इसके सियासी मायने
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार 26 मार्च को श्रृंगवेरपुर में "श्रीराम-निषादराज गुहा" की दोस्ती का जश्न मनाएगी। इस बड़े आयोजन के लिए पीएम मोदी को आमंत्रित किया गया था लेकिन वह शामिल नहीं होंगे।

Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश सरकार अगले लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गोटियां सेट करने में जुट गई है। पूर्वांचल में सियासी समीकरण साधने में जुटी योगी सरकार एक तरफ जहां ओम प्रकाश राजभर को साधकर पूर्वांचल में इस बिरादरी को बड़ा संदेश देने में लगी है वहीं दूसरी ओर पूर्वी यूपी में निषाद समाज की भी अच्छी खासी संख्या है। खासतौर से गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज क्षेत्र समेत 16 जिलों में इनका अच्छा खासा प्रभाव है। इसको देखते हुए अब यूपी सरकार 26 मार्च को पहली बार निषादराज जयंती मनाएगी। दरअसल सरकार के इस आयोजन के पीछे असली मकसद प्रदेश की लगभग 80 से 100 विधानसभा सीटों पर मौजूद निषाद समाज में एक सकारात्मक संदेश देना है ताकि 2024 में इस समुदाय को बीजेपी के साथ जोड़े रखा जा सके।

26 मार्च को श्रृंगवेरपुर में होगा बड़ा आयोजन
निषाद राजा गुहा की जयंती समारोह 26 मार्च को प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर दुर्ग में होगा। कार्यक्रम को देखते हुए किले में सौंदर्यीकरण का काफी काम किया गया है। प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनकी यात्रा फिलहाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सूत्रों की माने तो वह तब आएंगे जब यह जगह पर्यटन के लिए पूरी तरह से विकसित हो जाएगी। निषादराज जयंती को भव्य बनाने के प्रयास में निषाद पार्टी ने विशेष रूप से इस आयोजन के लिए एक गीत तैयार करवाया गया है।
इसको लेकर यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि,
हम पिछले दस सालों से अपने स्तर पर निषादराज जयंती मनाते आ रहे हैं, लेकिन इस साल राज्य सरकार पहली बार मनाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे एक भव्य उत्सव बनाने का निर्देश दिया है। संस्कृति विभाग निषाद राजा के इतिहास और भगवान राम के साथ उनकी दोस्ती को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करेगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी निषाद पार्टी
इस कार्यक्रम को लेकर निषाद पार्टी ने कार्यकर्ताओं को निर्देश जारी किया है कि प्रभुश्रीराम और निषादराज गुहा की दोस्ती का जश्न मनाने के लिए अपने घरों, कार्यस्थलों और यहां तक कि सार्वजनिक स्थानों पर गाना बजाने के लिए कहा है। निषाद पार्टी के एक नेता रामकेवल ने बताया कि इसी दिन श्रृंगवेरपुर किले में राजा गुहा और भगवान राम की 56 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा, जो एक-दूसरे को गले लगा रही हैं।

श्रृंगवेरपुर का सौंदर्यीकरण करवा रही है योगी सरकार
इस नेता ने दावा किया कि पिछली सरकारों ने श्रृंगवेरपुर के लिए कुछ नहीं किया। यह इलाका और निषाद समाज भी पूरी तरह से उपेक्षित था। जब तक भाजपा सरकार ने इसके जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम शुरू नहीं किया तब तक यह किला जर्जर अवस्था में था। श्रृंगवेरपुर में एक मूर्ति की स्थापना और उसका जीर्णोद्धार पिछले चुनावों में भाजपा सरकार का एक चुनावी वादा भी था जिसे 2024 से पहले ही पूरा किया जा रहा है।
बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद ने कहा कि,
पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। उनके काम की बदौलत ही हर समाज बीजेपी से अपने आपको जुड़ा हुआ महसूस रहा है। पूर्वांचल या पूरे यूपी का निषाद समुदाय बीजेपी के साथ है। पिछली बार भी इस समुदाय ने बीजेपी की सरकार बनाने में अपना योगदान दिया था, 2024 में भी यह समाज पूरी तरह से योगी सरकार के साथ खड़ा है।

पूर्वांचल के 16 जिलों में निषाद समाज का असर
राजनीतिक विष्लेषकों की माने तो निषाद पार्टी के साथ गठबंधन से बीजेपी को पूर्वांचल में मिलेगा बड़ा फायदा मिल रहा है। निषाद पार्टी दावा करती रही है कि पूर्वांचल में उसकी सबसे बड़ी तादाद और ताक़त है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाके में निषाद समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। वर्ष 2016 में गठित निषाद पार्टी का खासकर निषाद, केवट, मल्लाह, बेलदार और बिंद बिरादरियों में अच्छा असर माना जाता है। गोरखपुर, देवरिया, महराजगंज, जौनपुर, संत कबीरनगर, बलिया, भदोही और वाराणसी समेत 16 जिलों में निषाद समुदाय के वोट जीत-हार में बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।












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