UP Politics: 2024 से पहले निशाने पर पसमांदा समाज, 27 जुलाई से शुरू होगी बीजेपी की Sneh Yatra
यूपी समेत कई राज्यों में बीजेपी पसमांदा मुसलमानों को साधने के लिए स्नेह यात्रा निकालेगी। खास बात यह है कि इसकी शुरुआत पूव राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्य तिथि से होगी।
BJP Ki Sneh Yatra: देश में अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं। इस चुनाव में जीतने के लिए बीजेपी को यूपी का रण जीतना होगा क्योंकि यहां सबसे अधिक 80 लोकसभा सीटें हैं जो बीजेपी को तीसरी बार केंद्र की सत्ता में लाने के लिए कारगर हो सकती हैं। बीजेपी ने निकाय चुनाव में मिले अच्छे रिस्पांस के बाद अब मुस्लिम समुदाय में पिछड़े पसमांदा समाज को एकजुट करने का फैसला किया है।
27 जुलाई से 15 अक्टूबर तक चलेगी यात्रा
इसके लिए बीजेपी 27 जुलाई से स्नेह यात्रा की शुरुआत करेगी जिसका मकसद पसमांदा समाज को बीजेपी से जोड़ना है। बीजेपी के नेताओं की माने तो पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पूण्यतिथि पर यूपी के गाजियाबाद जिले से 27 मई को इस यात्रा की शुरुआत होगी और उनके जन्मदिन 15 अक्टूबर को समाप्त होगी।

एपीजे अब्दुल कलाम को भुनाने की कोशिश
भारत के दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को पसमांदा मुसलमानों के लिए एक आदर्श के रूप में जाने जाते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले समुदाय तक पहुंचने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने के लिए इनका इस्तेमाल करेगी।
गाजियाबाद से होगी स्नेह यात्रा की शुरुआत
बीजेपी के सूत्रों की माने तो यह यात्रा यूपी के अलावा भी अन्य राज्यों में चलाएगी लेकिन इसकी शुरुआत गाजियाबाद से होगी। यह यात्रा यूपी में उन इलाकों से होकर गुजरेगी जहां पसमांदा समाज की संख्या ज्यादा है। दिल्ली में पिछली दिनों बीजेपी की एक अहम बैठक में इस यात्रा का खाका तैयार किया गया। इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।
यूनिफार्म सिविल कोड के बारे में बताने की कोशिश
बीजेपी के नेताओं की माने तो इस यात्रा के माध्यम से पसमांदा समाज में यूनिफार्म सिविल कोड के बारे में भी बताया जाएगा और इसको लेकर इस समाज में जागरुकता फैलाने का काम किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो बीजेपी 2024 से पहले पसमांदा समाज को बीजेपी से जोड़ना चाहती है क्योंकि सपा के मुखिया अखिलेश यादव भी पूरी ताकत के साथ अपने अभियान में जुटे हुए हैं।
मुसलमानों की बेहतरी के लिए सोच रही बीजेपी
मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के भाजपा के कदम पर टिप्पणी करते हुए, यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी कहते हैं कि,
पार्टी ने पहली बार लगभग 300 मुस्लिमों को टिकट दिया था, जिनमें हाशिये पर रहने वाले लोग भी शामिल हैं। उन्हें पार्षदों और नगरपालिका समिति के उम्मीदवारों के रूप में मैदान में उतारा गया था। पार्टी का मानना है कि मुसलमानों को मुख्यधारा में लाने के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए और यह फैसला पहले ही कर लिया गया था।
मन की बात की एक लाख प्रतियां बांटने का दावा
बीजेपी के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' को मुस्लिम समुदाय के हर तबके तक ले जाने के लिए भाजपा 150 पन्नों की किताब की एक लाख प्रतियां छाप रही है, जिसे रमजान के दौरान एक "भव्य समारोह" में बांटा जाएगा। 'वज़ीर-ए-आज़म जनाब नरेंद्र मोदी के मन की बात उर्दू के साथ' 2022 में रेडियो पर प्रसारित हुए प्रधानमंत्री के भाषणों की 12 कड़ियों का संकलन है।
यात्रा की टैगलाइन- 'सम्मान से उत्थान की ओर'
यात्रा की टैगलाइन है "सम्मान से उत्थान की ओर", जिसका अर्थ है "सम्मान से उत्थान की ओर"। दानिश कहते हैं कि,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका विकास चाहते हैं। वह भेदभाव नहीं करते हैं। अब तक पसमांदा समाज (समुदाय) को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया है, लेकिन किसी ने वास्तव में उनके लिए काम नहीं किया है। यह गर्व की बात है और उनके निर्देश पर, हमने समुदाय तक पहुंचने और उन्हें उनके लिए सभी कल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी देने का फैसला किया है।












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