UP Politics: कृष्ण के उपदेश का हवाला देकर उदित राज ने क्यों कहा- 'मायावती का गला घोंटने का वक्त'?
UP Politics: कांग्रेस नेता उदित राज के विवादित बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। उन्होंने बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका गला घोंटने का समय आ गया है।
उदित राज ने अपने बयान में गीता में भगवान श्रीकृष्ण के उपदेश का हवाला दिया। इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी, वहीं मायावती ने इसे गंभीरता से न लेने की अपील की है।उदित राज ने अपने बयान में गीता के उपदेश का जिक्र करते हुए कहा कि 'कृष्ण ने न्याय के लिए सगे-संबंधियों को मारने का संदेश दिया था'।

उन्होंने इसे मायावती पर लागू करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक आंदोलन का गला घोंटा है, इसलिए अब उनका गला घोंटने का वक्त आ गया है। उन्होंने यह बयान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया और इसे अपने एक्स अकाउंट पर भी साझा किया।
मायावती ने उदित राज के इस बयान को हल्के में लेते हुए कहा कि इस तरह के दलबदलू और अवसरवादी लोग अपने आकाओं को खुश करने के लिए अनर्गल बयानबाजी करते हैं। उन्होंने बहुजन समाज को ऐसे लोगों को गंभीरता से न लेने की सलाह दी। मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी कभी भी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच और नीतियों पर खरी नहीं उतर सकती।
भाजपा नेता ने भी किया विरोध
उदित राज के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता अपने 'कृष्ण' के कहने पर मायावती को मारने की बात कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी को 'कृष्ण' की उपाधि दी गई है? उन्होंने कांग्रेस पर हिंसा भरी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
उदित राज का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे आपत्तिजनक बताते हुए निंदा कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे राजनीतिक हथकंडा मानते हुए विवाद को बेवजह तूल देने का आरोप लगा रहे हैं। मायावती के समर्थकों ने भी कांग्रेस नेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा और बसपा ने कांग्रेस से उदित राज के बयान पर सफाई मांगते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उदित राज का बयान दलित राजनीति को भी गर्मा गया है। मायावती दलितों की सबसे बड़ी नेता मानी जाती हैं, और इस बयान को उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश के रूप में देखा जा रहा है। बसपा समर्थकों में इस बयान को लेकर काफी आक्रोश है।












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