इलाहाबाद: महज 5,000 रुपयों की खातिर बिक गई यूपी पुलिस, होने दीं चार हत्याएं!
घटना के बाद गांव में नेताओं के पहुंचने का क्रम लगातार जारी है। सुबह से ही रंजीत से मिलने के लिए भाजपा समेत सपा और बसपा के जिला पदाधिकारी पहुंच रहे हैं...
इलाहाबाद। पड़ोसी से झगड़े पर घर में घुसकर की गई चार लोगों की हत्या के मामले में बड़ा सवाल उठ रहा है। बता दें की मामला नबावगंज थाने के जुड़ापुर गांव का है जहां दुष्कर्म और फिर बेटियों समेत मां-बाप की दर्दनाक हत्या कर दी गई थी। पुलिस मामले की इसी एंगल पर जांच कर रही थी कि अब ये बात सामने आई है कि उस रात घर में घुसे इन हत्यारों की शिकायत बेटी ने फोनकर पुलिस को दी थी। लेकिन आरोपी से पांच हजार रुपए लेकर उसने इस सूचना को दबा दिया।

तीन सिपाही सस्पेंड
जूड़ापुर गांव में रंजीत के मां-बाप और दोनों बहनों की हत्या के मामले में डॉयल 100 के तीन सिपाही विनोद राय, जफर आलम और पीएसी का सिपाही शिव चरण सस्पेंड कर दिए गए हैं। इन सिपाहियों पर आरोप है कि घर में घुसे दो लोगों की सूचना बहन ने 100 नंबर पर दी थी। लेकिन डायल 100 के सिपाहियों ने पांच हजार रुपए लेकर आरोपियों को छोड़ दिया था।


पोस्टमॉर्टम हाउस पर 5 घंटे तक हंगामा
पोस्टमॉर्टम के बाद चारों शव को घर या घाट ले जाने के मसले पर 5 घंटे तक पुलिस और परिजनों के बीच झड़प होती रही। ग्रामीण मृतक के परिजन को नौकरी, सुरक्षा, सरकारी मदद, मकान और शस्त्र लाइसेंस की मांग भी करते रहे। लेकिन बात लगातार बिगड़ती ही चली जा रही थी। मौके पर एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी गंगापार, एडीएम प्रशासन, सीओ सोरांव, सीओ प्रथम कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। फाफामऊ के भाजपा विधायक विक्रमाजीत मौर्या, प्रतापगढ़ सदर के विधायक संगमलाल गुप्ता समेत कई नेताओं ने भी मौके पर पहुंचक मामले की जानकारी ली।

डीएम ने दिया गनर
हत्या के बाद घर में बचे बेटे रंजीत ने चिताओं को मुखाग्नि दी तो देर रात बेटी रंजना भी पहुंची। डीएम इलाहाबाद संजय कुमार ने बेटे रंजीत को किसान बीमा योजना के तहत सरकारी मदद, गांव से हटकर आवास का इंतजाम, शस्त्र लाइसेंस, रंजीत और बबीता की सुरक्षा में सरकारी गनर तैनात करने का आदेश दिया है।
मंत्री 'नंदी' ने व्यक्त की संवेदना
प्रदेश के स्टांप न्यायालय शुल्क और नागरिक उड्यन मंत्री नंदगोपाल गुप्ता 'नंदी' ने घटना पर दुख जताते हुए अपने प्रतिनिधि लल्लूलाल गुप्ता को दंपति के बेटे रंजीत और बेटी रंजना के पास भेजकर अपनी संवेदना व्यक्त की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। जबकि वैश्य समाज ने भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
नेताओं का जमघट
घटना के बाद गांव में नेताओं के पहुंचने का क्रम लगातार जारी है। सुबह से ही रंजीत से मिलने के लिए भाजपा समेत सपा और बसपा के जिला पदाधिकारी पहुंच रहे हैं। जबकि पूर्व विधायकों का भी पहुंचकर सांत्वना देने का क्रम जारी है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है।












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