यूपी: थानाध्यक्ष ने किया ऐसा काम, तहरीर देने आए गरीब बाप-बेटी ने किया सलाम
शामली। उत्तर प्रदेश में शामली जनपद के कांधला थानाध्यक्ष के एक ऐसी मिसाल पेश की जिसकी वजह से फरियाद करने आये फरियादियों के चहेरे पर खुशी आ गई और थानाध्यक्ष अपनी दरियादिली के कारण प्रशंसा का पात्र बन गये हैं। जनपद शामली के कांधला थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर निवासी शराफत एक गरीब रिक्शा चालक है। वो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसका पड़ोसी के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।

कोतवाल ने पेश की मानवता की मिसाल
पड़ोसियों ने शराफत के घर में घुसकर मारपीट की जिसकी शिकायत करने शराफत अपनी 16 वर्षीय पुत्री को लेकर कांधला थाने पहुंचा। वहां पर कांधला थाना प्रभारी ओ.पी.चौधरी ने पहले तो पीड़ित की समस्या सुनी और उसका समाधान करने के बाद एक अनोखी मिसाल पेश की। शराफत की नाबालिग बच्ची के नंगे पैर, फटे हुए कपड़े देखकर कांधला थाना प्रभारी ओपी चौधरी ने अपनी ओर से एक जोड़ी कपड़े, दुपट्टा व पैरों मै पहनने के लिए चप्पल भेंट की। वहीं थाना प्रभारी की दरियादिली को देखकर पिता-पुत्री पुलिस की तारीफ करते हुए अपने घर लौट गए।

'हम पुलिस के बारे में बुरा ही सुनते थे'
पीड़ित शराफत ने बताया कि हमारी कुछ शिकायत थी वही करने के लिए हम थाने आये थे। कोतवाल साहब ने पहले तो हमारी शिकायत सुनी उसके बाद हमारी गरीबी देखते हुए मेरी बेटी को चप्पल, चुन्नी व बढियावाला सूट दिलवाया। हम पुलिस के बारे में बुरा सुनते थे लेकिन पुलिस बहुत बढ़िया हैऔर हम बहुत खुश है।

कोतवाल ने इस बारे में कहा
कांधला थानाध्यक्ष ओ.पी.चोधरी ने कहा कि ये पिता पुत्री मलकपुर गांव के है। पिता रिक्शा चलाता है। बहुत गरीब लोग है। बिना चप्पलो के बच्ची इसके साथ आई थी जो करीब 15 साल की है। ऐसी स्थिति में मुझे लगा कि सवेदनशीलता बरतनी चाहिए। बच्ची का सूट भी पुराना और फटा हुआ था। सबसे पहले तो शिकायत का समाधान कर रहा हूँ। उसके लिए एक दरोगा को जांच करने भेज दिया है। साथ ही साथ उसकी गरीबी को देखते हुए अपने निजी खर्चे से बच्ची के लिए मैंने एक जोड़ी चप्पल सूट व दुप्पटा भी लाकर दिया है। यह मेरी व्यक्तिगत भावनायें हैं।












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