लोनी मामला: ट्विटर समेत सभी आरोपियों को यूपी पुलिस जारी करेगी नोटिस, गलत जानकारी फैलाने का आरोप
लखनऊ, 16 जून: लोनी मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है, जिसके चलते FIR में जिन लोगों का नाम शामिल है, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही यूपी पुलिस उन्हें वक्त पर जांच में सहयोग करने के लिए कहेगी। खास बात तो ये है कि इस एफआईआर में ट्विटर का भी नाम शामिल है, जिसका भारत सरकार के साथ काफी दिनों से नए नियमों को लेकर विवाद चल रहा है।
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न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि लोनी में एक बुजुर्ग को बुरी तरह से पीटा गया था। इसका वीडियो गलत जानकारी के साथ शेयर किया गया। ऐसे में जब यूपी पुलिस ने मामले में स्पष्टीकरण जारी कर दिया, तो ट्विटर को उन लोगों को चेतावनी जारी करनी थी, जिन्होंने गलत जानकारी साझा की थी। साथ ही सत्यता की जांच करते हुए उन पोस्ट को डिलीट करना चाहिए था, लेकिन ट्विटर ने ऐसा नहीं किया। इसी वजह से यूपी पुलिस ट्विटर समेत सभी आरोपियों को नोटिस जारी करेगी। उन्होंने साफ किया कि मामले में पूर्वाग्रह के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
एडीजी के मुताबिक गाजियाबाद में लोनी सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। कुछ महीने पहले पड़ोसी राज्य दिल्ली में जब दंगा हुआ था, तो भी इस इलाके में कुछ लोगों ने सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। इस बार ये ट्वीट भी उसी तरह की एक कोशिश थी, लेकिन ट्विटर ने ना तो उस पोस्ट का हटाया और ना ही उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अपना ट्वीट बाद में डिलीट कर दिया था। ऐसे में साफ है कि वहां पर हिंदू-मुस्लिम का कोई विवाद नहीं हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
यूपी पुलिस के मुताबिक पीड़ित ताबीज बनाने का काम करता था। आरोपियों का मानना था कि उसकी बनाई ताबीज काम नहीं करती। जिस वजह से उन्होंने उसकी पिटाई की। साथ ही दाढ़ी भी काट दी। इस मामले में आरोपी कई समुदाय के थे, ऐसे में धर्म विशेष से मामला जोड़कर देखना गलत है। फिलहाल मामले में आईपीसी की धारा 153, 153A, 295A, 505, 120-B और 34 के तहत FIR दर्ज की गई है।












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