UP Nikay Chunav Result 2023 में मिली प्रचंड जीत से BJP को मिशन 2024 से पहले मिली बूस्टर डोज
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत से संगठन के नेता और कार्यकर्ताओं में काफी जोश भरा हुआ है। नेताओं का दावा है कि इस जीत ने बीजेपी को 2024 से पहले बूस्टर डोज देने का काम किया है।

UP Nikay Chunav Result 2023 Updates: उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत के कई सियासी मायने है। यूपी की सभी 17 निगम सीटों पर मिली जीत ने 2024 से पहले बीजेपी के कार्यकर्ताओं को बूस्टर डोज प्रदान की है। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो शहरी स्थानीय निकाय चुनावों और विधानसभा उपचुनावों में भाजपा की शानदार जीत इससे बेहतर समय पर नहीं हो सकती थी। बीजेपी की इस जीत ने जहां कर्नाटक में मिली हार के गम को थोड़ा कम किया है वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में यूपी में 75 प्लस सीटों को जीतने के दावे को मजबूती प्रदान की है।
निकाय चुनाव व उपचुनाव में मिली जीत अहम
भाजपा ने पहली बार कई अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में भी जीत हासिल की है। उदाहरण के लिए विधानसभा उपचुनाव में मुस्लिम बहुल रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर उसकी जीत का मतलब समाजवादी पार्टी की भाजपा के गढ़ में तीसरी सीधी हार थी। पार्टी के नेताओं ने स्वीकार किया कि मुस्लिम बहुल इलाकों में 'पसमांदा' (पिछड़े) मुसलमानों के बीच पार्टी की बढ़ती स्वीकार्यता को प्रदर्शित करते हैं। यह समाज मोदी-योगी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों में शामिल था।
कई सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार जीतने से उत्साहित बीजेपी
यूपी सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि,
इस बार निकाय चुनावों में 395 मुसलमानों को टिकट दिया गया। इनमें ऐसी जगहें भी शामिल हैं जहां बीजेपी ने पहले कभी चुनाव नहीं लड़ा और ऐसी सभी जगहों पर या तो पार्टी के उम्मीदवार जीते हैं या उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। आंकड़े जुटाए जा रहे हैं, लेकिन गोपामऊ, हरदोई, अलीगढ़-मुरादाबाद के धरमपुर, अमरोहा, मऊ की घोसी सीट और बलिया की काजीपुरा सीट पर हमारे प्रत्याशी पहली बार जीते हैं। जबकि आजमगढ़ के मुबारकपुर और अंबेडकरनगर में हमारे उम्मीदवार पहली बार जीते हैं।
मोदी-योगी फैक्टर से बीजेपी को मिली सफलता
वहीं बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि निकाय निकाय चुनाव में बीजेपी के क्लीन स्वीप का मतलब है कि है कि मुसलमान जागरूक हो रहे हैं। अन्य लोगों ने उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। लेकिन 'MY' या मोदी-योगी कारक ने उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मदद की। अगर कोई हकीकत से आंखें नहीं मूंदेगा, तो देख पाएगा कि गरीब मुसलमान अब कैसे 'बीजेपी' के फैन हो गए हैं।
संगठन-सरकार के प्रयास से मिली जीत
यूपी बीजेपी के प्रवक्ता अवनीश त्यागी कहते हैं कि, "योगी जी ने प्रतिदिन औसतन तीन से चार रैलियों को संबोधित किया और जबकि हमारे राजनीतिक विरोधी एसी कमरों में बैठना पसंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के चुनाव प्रचार के साथ-साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी भारी प्रभाव डाला जिसकी वजह से इतनी विराट जीत मिली है।"
पार्टी को 2024 से पहले मिली बूस्टर डोज
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता योगेश सिंह कहते हैं कि,
ये जीत वास्तव में बहुत मायने रखती हैं क्योंकि ये परिणाम ऐसे समय में आए हैं जब कर्नाटक में बीजेपी को निराशा हाथ लगी है। यूपी एक ऐसा राज्य है जहां पार्टी लड़खड़ाने का जोखिम नहीं उठा सकती है। यूपी की जनता का पीएम मोदी और सीएम योगी के डबल इंजन सरकार की नीतियों को आत्मसात कर रही है। सीएम योगी ने खुद ही 50 जिलों में जनसभाएं की। संगठन के बड़े नतेाओं ने भी पूरे दमखम से प्रचार किया जिसका नतीजा है कि यूपी में ऐतिहासिक जीत मिली। यह जीत 2024 से पहले बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए बूस्टर डोज का काम करेगी।












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