UP News: डिजिटल क्रॉप सर्वे पर फ़ोकस कर रही योगी सरकार, जानिए ये वजहें
यूपी सरकार ने डिजिटल क्राप सर्वे पर फोकस करने का कमा शुरू कर दिया है। सबसे अधिक मिर्जापुर में इस मिशन को पूरा किया गया है।
Digital Crop Surve in UP: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब राज्य में डिजिटल क्रॉप सर्वे पर फोकस करने की कवायद शुरू कर दी है। इसको लेकर राज्य के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किया। अधिकारियों का दावा है कि न केवल सटीक और वास्तविक समय का फसल डेटा प्रदान करता है बल्कि फसल उत्पादन कम होगा या अधिक इसके बारे में भी जानकारी मिलेगी।

शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य में डिजिटल फसल सर्वेक्षण में तेजी लाने के लिए निर्देश जारी किए हैं, जिसमें अधिकारियों को जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की देखरेख में सभी गांवों में फसल सर्वेक्षण को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए कहा गया है।
डिजिटल सर्वे पर सरकार का फोकस
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक सर्वेक्षक प्रति माह 1,500 भूखंडों और 45 दिनों के भीतर 2,250 भूखंडों के लिए सर्वेक्षण पूरा कर ले। इसके अलावा, 54 जिलों के 10 राजस्व गांवों में अगले 15 दिनों के भीतर सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने संभाली कमान
अधिाकरियों की माने तो मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के समक्ष कृषि विभाग ने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण 21 जिलों में पूरा हो चुका है और 54 जिलों में प्रगति पर है। प्रवक्ता ने कहा, "मिर्जापुर सबसे अधिक संख्या में 2,607 भूखंडों पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण आयोजित करने में अग्रणी है।
इन जिलों में हुआ डिजिटल फसल सर्वेक्षण
मिर्ज़ापुर के बाद प्रतापगढ़ (2,543), सुल्तानपुर (2,370), जालौन (2,047), झांसी (2,027), फर्रुखाबाद (1,486), फ़िरोज़ाबाद (1,183), ग़ाज़ीपुर (1,147), देवरिया (1136), और ललितपुर (1,124) हैं। मीरजापुर में सर्वाधिक 17 राजस्व गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कराया गया है।
डिजिटल तकनीक का प्रयोग कर हो रहा सर्वेक्षण
डिजिटल फसल सर्वेक्षण की समीक्षा के दौरान सीएस ने बताया कि राजस्व अधिकारियों के लिए सर्वेक्षण कार्य को आसान और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग करके ई-सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने ई-सर्वे का नाम 'ई-खसरा' रखने के निर्देश दिये। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि ई-सर्वेक्षण के कई लाभ हैं, जिसमें प्राप्त डेटा को नियोजन उपकरण के रूप में उपयोग करना भी शामिल है।
डिजिटल सर्वेक्षण के ये हैं फायदे
मुख्य सचिव ने कहा कि यह न केवल सटीक और वास्तविक समय का फसल डेटा प्रदान करता है बल्कि फसल उत्पादन कम होगा या अधिक इसके बारे में भी जानकारी देता है। सटीक रिपोर्टिंग जिले में कृषि क्षेत्र की जीडीपी में वृद्धि में भी योगदान देगी।












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