UP News: आलू की क़ीमतों को लेकर अलर्ट हुई योगी सरकार, जानिए किसानों को कैसे मिलेगी राहत
Yogi government alert on potato prices: उत्तर प्रदेश सरकार ने अब सूबे में आलू किसानों को लेकर कदम उठाने की कोशिश में जुटी है। सरकार ने कहा है कि आलू किसानों को उचित कीमत दी जा रही है।

Stabilise Potato Prices in UP: उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने हाल में समाप्त हुए विधानसभा सत्र के दौरान आलू की कीमतों और रखरखाव का मुद्दा उठाया था। अखिलेश ने पूछा था कि आलू किसानों के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। विपक्ष के लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार का दावा है कि वह लगातार आलू किसानों को लेकर कदम उठा रही है। सरकार किसानों से 650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू की खरीद भी कर रही है।
यूपी में किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने कवायद
उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आलू किसानों को बाजार में उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले। खुले बाजार में आलू की कीमतों को स्थिर करने के लिए सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की है और किसानों से 650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू की खरीद भी कर रही है।

मंत्री ने दिनेश प्रताप सिंह ने किए ये दावे
उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि खुले बाजार में आलू की कीमत स्थिर करने के लिए विभाग ने कोल्ड स्टोरेज में उपज के भंडारण की प्रक्रिया तेज कर दी है और देश के अन्य राज्यों और विदेशों में निर्यात किया जा रहा है। मंडी पोर्टल के जरिए भी आलू की मार्केटिंग की जा रही है। किसानों की शिकायतों के निवारण के लिए उद्यान विभाग के अधिकारी यूपी के आलू बेल्ट फर्रुखाबाद, कन्नौज और अन्य जिलों में किसानों, व्यापारियों और कोल्ड स्टोरेज मालिकों से मिल रहे हैं।
आलू को लेकर नेपाल से अनुंबंध
मंत्री ने कहा कि यूपी हॉर्टिकल्चर कोऑपरेटिव फेडरेशन ने 15 हजार मीट्रिक टन आलू के निर्यात के लिए नेपाल के साथ अनुबंध किया है और फर्रुखाबाद से पहली खेप भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खुले बाजार में कीमतों को स्थिर करने के लिए मलेशिया, दुबई और कतर को 600 मीट्रिक टन आलू का निर्यात किया गया है।

यूपी में बढ़ी है आलू की भंडारण क्षमता
यूपी में 2017 तक, 1.31 करोड़ मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता के साथ कोल्ड स्टोरेज की संख्या 1,708 थी। 1.63 करोड़ मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता के साथ कोल्ड स्टोरेज की संख्या अब बढ़कर 1,971 हो गई है। उन्होंने कहा कि अब तक कोल्ड स्टोरेज में केवल 88.14 लाख मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया है जबकि 74.48 लाख मीट्रिक टन आलू को अभी भी कोल्ड स्टोरेज में रखा जाना है।
आलू की कीमतों को लेकर उहापोह
जनवरी-फरवरी में 2012 से 2017 तक खुले बाजार में आलू की औसत कीमत 603 रुपये प्रति क्विंटल और 566 रुपये प्रति क्विंटल थी, जबकि 2017 से 2022 की इसी अवधि के दौरान आलू की कीमत 810 रुपये प्रति क्विंटल और 566 रुपये प्रति क्विंटल थी। इस साल जनवरी में आलू का औसत भाव 845 रुपये प्रति क्विंटल था।

आलू उत्पादन में यूपी पहले स्थान पर
उत्तर प्रदेश आलू उत्पादन में भारत में पहले स्थान पर है और देश में कुल उत्पादन का 35 प्रतिशत हिस्सा है। 2017 तक आलू की खेती का कुल क्षेत्रफल 6.14 लाख हेक्टेयर था और उत्पादन 1.56 करोड़ मीट्रिक टन था। आलू का रकबा बढ़कर 6.94 लाख हेक्टेयर हो गया है जबकि उत्पादन बढ़कर 2.43 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है।












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