UP : 2024 से पहले चिकित्सकों के रिटायरमेट की उम्र बढ़ाएगी सरकार? योगी ने दिए बड़े संकेत
यूपी सरकार ने 2024 से पहले बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर रही है। सरकार अब यूपी के चिकित्सकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का फैसला ले सकती है।
Uttar Pradesh chief minister Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है। योगी सरकार जल्द ही यूपी के डाक्टर्स को बड़ा तोहफा दे सकती है। योगी ने अब चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। इसको चुनाव से पहले सरकार की तरफ से एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
सेवारत डाक्टरों की रिटायरमेंट आय बढ़ाने पर विचार
योगी ने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सेवारत डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने पर विचार करने और सभी राज्य-संचालित स्वास्थ्य सुविधाओं में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों के पुन: रोजगार के लिए दिशानिर्देशों में सुधार करने का निर्देश दिया।

62 से 65 साल हो सकती है रिटायरमेंट की उम्र
राज्य में सरकारी डॉक्टरों के लिए वर्तमान सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है जिसे बढ़ाकर 65 साल किया जा सकता है। बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में योग्य और कुशल डॉक्टरों की तैनाती की जाए। कहीं भी कोई पद रिक्त नहीं रहना चाहिए।"
डाक्टरों की कमी को देखते हुए सरकार लेगी निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में सामान्य डॉक्टरों की सीधी भर्ती और विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं देने का प्रयास
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कई शीर्ष संस्थानों ने लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए राज्य के आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को पिछड़े क्षेत्रों में अस्पतालों के विकास के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक अच्छी नीति तैयार करनी चाहिए।
100 आकांक्षी जिलों पर सरकार का फोकस
यह कहते हुए कि आठ पिछड़े आकांक्षी जिलों और 100 आकांक्षी विकास खंडों के समग्र विकास के प्रयास अपेक्षित परिणाम दे रहे हैं, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
निजी क्षेत्र की जरुरतों को ध्यान में रखकर बने नई नीति
नई नीति बनाते समय अधिकारियों से निजी क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखने को कहते हुए उन्होंने कहा, ''शुरुआती चरण में हमें इन क्षेत्रों में न्यूनतम 50 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। यह प्रयास आकांक्षी जिलों और विकास खंडों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने में काफी मददगार साबित होगा।''












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