Ground Report Supreme Court's verdict: 'एससीएसटी वर्ग में फूट डालने की साजिश.' छात्रों ने दी बेबाक प्रतिक्रिया
Ground Report Supreme Court's verdictNews Gorakhpur: सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण पर दिए फैसले को लेकर देश भर में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसी क्रम में वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने गोरखपुर के गांधी गली में स्थित डॉक्टर भीम राव अंबेडकर छात्रावास के कुछ छात्रों से आरक्षण को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बातचीत की।

पहले जानिए क्या है सुप्रीम कोर्ट का नया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण से जुड़ा जो फैसला दिया है उसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए कोटे के अंदर कोटा देने की व्यवस्था दी गई। सात-न्यायाधीशों की पीठ ने छह-एक के बहुमत से फैसला दिया कि राज्यों को संवैधानिक रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अंदर सब-क्लासिफिकेशन करने का अधिकार है, ताकि आरक्षण के जरिए अधिक से अधिक जाति-समूह के लोगों के उत्थान में मदद मिल सके।
छात्रों की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट को फिर से विचार करना चाहिए
दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के शोध छात्र अंकित कुमार गौतम कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आरक्षण को लेकर जो फैसला सुनाया है उस बार उसे फिर से विचार करने की जरूरत है। इस आरक्षण को लागू करने से पहले जाति जनगणना करनी पड़ेंगी।
अभी कोई परिवर्तन की जरूरत नहीं है
भास्कर चौधरी ने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। कोविड के समय भी न्यायालय द्वारा मामला सामने आया था। हमने आपत्ति भी दर्ज कराई थी। आरक्षण यह तब किया जाए जब सब की सामाजिक स्थितियां एक सी हो जाएं। समाज में एससीएसटी वर्ग आज भी बराबरी का दर्जा नहीं पा सका है। अभी कोई परिवर्तन की जरूरत नहीं है।
एससीएसटी वर्ग में फूट डालने की कोशिश
सुरेंद्र वाल्मीकि ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मैं बिल्कुल सहमत नहीं हूं। यह एससीएसटी वर्ग में फूट डालने की साजिश है। एससीएसटी वर्ग समाज में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इस मजबूती को तोड़ने के लिए सरकार की साजिश है।
संविधान के खिलाफ है यह फैसला
गोरखपुर विश्वविद्यालय के लॉ के छात्र सुधि राम कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से ऐसे बहुत फैसले आते है जो संविधान के खिलाफ रहते हैं । उनने से एक फैसला यह भी है। फूट डालो और राज करो नीति का या अनुसरण है। जब परिवार में विवाद करना हो तो कुछ ऐसा ला या कर दिया जाता है जिससे आपस में ही लड़ाई शुरू हो जाती है।












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