UP News: प्रचंड गर्मी और सीएम योगी के सख़्त रुख़ ने छुड़ाए बिजली विभाग के पसीने, जानिए इसकी वजहें
UP Power Corporation Limited: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और सीएम योगी के सख्त रुख ने बिजली विभाग की टेंशन बढ़ा दी है। योगी ने आदेश दिया है कि 22 जून तक बिजली में किसी तरह की कटौती नहीं होनी चाहिए। इधर बिजली विभाग के सूत्रों की माने तो बढ़ती गर्मी की वजह से डिमांड में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। विभाग की कोशिश है कि सीएम के आदेशों का पालन किया जाए।
बढ़ती मांग की डिमांड पूरा करने में जुटा कार्पोरेशन
यूपी पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष एम देवराज ने कहा कि निगम पर्याप्त बिजली और शेड्यूल के अनुसार व्हीलिंग करने की पूरी कोशिश कर रहा है। देवराज, जो यूपी विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन संयंत्रों को रखरखाव के लिए 22 जून तक बंद करने से रोक दिया गया है।

यूपीपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वितरण नेटवर्क को अभी भी अपग्रेड करने की आवश्यकता है। यूपीपीसीएल के अध्यक्ष ने दावा किया कि कई जिलों में दिन के तापमान के साथ चिलचिलाती गर्मी के मद्देनजर बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है।
27 हजार मेगावट तक पहुंच गई है डिमांड
योगी सरकार प्रदेश में भीषण गर्मी के बावजूद बढ़ी मांग के अनुरूप प्रदेशवासियों को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश में विद्युत मांग पिछले सभी रिकार्ड तोड़कर 27 हजार से ज्यादा पहुंच गई हैं। 10 जून को पहली बार विद्युत मांग 26672 मेगावाट के सापेक्ष आपूर्ति सुनिश्चित की गयी थी। फिर 13 जून को 27611 मेगावाट मांग के सापेक्ष विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करके पावर कारपोरेशन ने विद्युत आपूर्ति का नया रिकार्ड बनाया है। प्रदेश के इतिहास में इतनी आपूर्ति कभी नहीं की गई है।
सिस्टम को अपग्रेड करने की हो रही कोशिश
कारपोरेशन के अध्यक्ष एम देवराज ने कहा है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लगातार अपने सिस्टम को अपग्रेड करने की कोशिश कर रहा है। भारत सरकार की आरडीएसएस योजना प्रारम्भ हो चुकी है। इस योजना का मुख्य उदेश्य प्रदेश के डिस्कामों को गुणवत्ता पूर्ण निर्बाध विद्युत आपूर्ति किया जाना एवं लाइन हानियां कम करना है। इसमें 35384 करोड़ रुपए प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के आधुनिकीकरण एवं बेहतरी के लिए खर्च किए जाएंगे।
तीन लाख से ज्यादा ट्रांसफार्मर बदले गए
क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को निश्चित समयावधि में बदलने का कार्य सुनिश्चित हो रहा है। 1 अप्रैल 2022 से आज तक तीन लाख से ज्यादा (315283) क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों को बदला गया है। साथ ही अति भारित परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि भी की जा रही है। बिजनेस प्लान के तहत 7092 परिवर्तकों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। प्रदेश के सभी क्षेत्रों को निश्चित शिडयूल के अनुरूप विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
22 जून तक शटडाउन पर लगी है रोक
यूपीपीसीएल के अध्यक्ष एम देवराज ने 22 जून तक प्लांड शटडाउन पर रोक लगाई थी और इसका असर भी मंगलवार को दिखना शुरू हो गया। स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों को निश्चित शिडयूल से भी ज्यादा 18 घण्टे 5 मिनट, पंचायतों को 21.30, तहसील 21.30, बुन्देलखण्ड 20, जिला, मण्डल, महानगर तथा उद्योगों को 24 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। पूरे प्रदेश में कहीं भी इमरजेन्सी रोस्टरिंग नहीं की गई।












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