सदन में दिखा CM विजय का फिल्मी अंदाज, थलापति के सिग्नेचर जेस्चर से तिलमिलाई विपक्ष, भड़के उदयनिधि ने क्या कहा?
CM Vijay Signature Gesture Controversy: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर सिनेमा और सियासत का मेल देखने को मिला। अभिनेता से नेता बने और अब राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में अपने भाषण के अंत में ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए विजय ने स्पीकर से अनुमति लेने के बाद अपना मशहूर सिग्नेचर जेस्चर किया।
सीएम विजय का यह वही अंदाज है, जिसे उनके प्रशंसक वर्षों से फिल्मों में देखते आए हैं। जैसे ही यह जेस्टर सामने आया, सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा शुरू हो गई। समर्थकों ने इसे एक मजबूत राजनीतिक संदेश बताया, जबकि विपक्ष ने इसे गंभीर बहस की जगह फिल्मी प्रस्तुति करार दिया। इस एक जेस्चर ने विधानसभा की कार्यवाही को राजनीतिक बहस के नए दौर में बदल दिया।

भाषण के बाद वायरल हुआ वीडियो
विजय ने राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। भाषण खत्म करने से पहले उन्होंने अपने फिल्मी करियर से जुड़ा प्रसिद्ध जेस्चर दोहराया। सदन में मौजूद कई सदस्यों ने इस पल को ध्यान से देखा। कुछ ही समय में इसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया। समर्थकों ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी विजय ने अपनी पहचान और जनता से जुड़ाव नहीं छोड़ा है।
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उदयनिधि स्टालिन का तीखा हमला
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने विजय के भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने राज्य के अहम मुद्दों पर बात करने के बजाय एक "स्क्रिप्टेड" और "आरोपों से भरी एक्टिंग" पेश की।
उदयनिधि ने कहा कि भाषण में बिजली कटौती, किसानों की परेशानियां, कानून व्यवस्था और चुनावी वादों जैसे विषयों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई। उनका दावा था कि जनता जिन सवालों के जवाब चाहती है, उन पर मुख्यमंत्री ने खुलकर बात नहीं की।
विधानसभा की कवरेज पर भी उठाए सवाल
उदयनिधि स्टालिन ने विधानसभा की कार्यवाही के प्रसारण को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइव कैमरों का इस्तेमाल किसी फिल्म की शूटिंग की तरह किया गया, जिससे विजय बिना किसी रुकावट के अपना भाषण पूरा कर सके।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुद्दे को हल्के में लिया। विपक्ष के नेता के अनुसार, विजय ने किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों के प्रभाव से जुड़ा बताने की कोशिश की, जो उचित नहीं है।
#CMVijay Recreates #MkStalin's Hand Sign..😃💥@actorvijay @mkstalin pic.twitter.com/40sIucV1pE
— SUBBU_PSPK 🚩🚩 (@BSB_PSPK) June 23, 2026
निजी टिप्पणी से बढ़ा विवाद
राजनीतिक बहस उस समय और तेज हो गई जब उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विजय की निजी जिंदगी को लेकर टिप्पणी कर दी। यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई, जिसमें विजय ने विधानसभा के दौरान विपक्ष की आलोचनाओं पर तंज कसा था। जवाब में उदयनिधि ने लिखा कि उन्हें 'चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को तलाशती पत्नी की कहानी' पता है।
इस टिप्पणी को विजय और उनकी पत्नी से जुड़ी कानूनी खबरों की ओर इशारा माना गया। राजनीतिक गलियारों में इस बयान की काफी चर्चा हुई, क्योंकि यह उन शुरुआती मौकों में से एक माना जा रहा है जब उदयनिधि ने सार्वजनिक रूप से विजय के निजी जीवन को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया।
आखिर क्या है विजय के इस जेस्चर की कहानी?
विजय के इस जेस्चर की चर्चा केवल इसलिए नहीं हो रही क्योंकि यह उनका फिल्मी अंदाज है। इसके पीछे हाल के राजनीतिक घटनाक्रम भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के समर्थन को लेकर काफी अटकलें चल रही थीं। उस समय कुछ नेता टीवीके के साथ गठबंधन के पक्ष में थे, जबकि कुछ डीएमके के साथ जाने की बात कर रहे थे। गठबंधन पर बातचीत खत्म होने के बाद डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन पार्टी कार्यालय से बाहर आए थे।
पत्रकार लगातार बैठक का नतीजा पूछ रहे थे, लेकिन स्टालिन ने कोई लंबा बयान नहीं दिया। उन्होंने केवल एक हाथ का इशारा किया, जिसे कई लोगों ने "सब खत्म हो गया" या "मामला समाप्त" जैसे संदेश के रूप में देखा। बाद में यही इशारा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया था।
समर्थक निकाल रहे अलग मतलब
अब विधानसभा चुनाव में टीवीके की जीत और विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद उसी तरह का जेस्चर विधानसभा में दोहराया गया। इसके बाद राजनीतिक अर्थ निकाले जाने लगे। विजय के समर्थकों का मानना है कि यह विपक्ष, खासकर डीएमके नेतृत्व की ओर भेजा गया एक सांकेतिक संदेश था। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे बदलते राजनीतिक दौर और नई शुरुआत का संकेत बताया।
हालांकि विजय ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया कि उनका इशारा किस ओर था, लेकिन इसने डीएमके और टीवीके के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को लेकर नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया।
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