बच्चों की सुरक्षा को लेकर UP सरकार ने जारी की नई गाइडलाइंस, पढ़ें डिटेल्स
लखनऊ, 08 सितंबर। उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों की सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए नई गाइडलाइंस जारी कर दी है, जिसे सभी स्कूलों मा्नना अनिवार्य होगा। नई गाइडलाइंस के मुताबिक यूपी में अब बच्चों को 1 घंटे के अंदर स्कूली वाहनों से स्कूल से घर पहुंचना होगा। साथ ही इतने ही समय में घर से स्कूल भी पहुंचना होगा। अगर बच्चे देर से घर या फिर स्कूल पहुंचेगे तो मैनेजमेंट पर कार्रवाई होगी। नई गाइडलाइंस का पालन कराया जा सके, इसकी जिम्मेदारी RTO को सौंपी गई है।

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2 महीने के भीतर सभी स्कूलों को करना होगा लागू
गाइडलाइन के मुताबिक इस नियम को 2 महीने के अंदर सख्ती से लागू किया जाएगा। ऐसे में अब स्कूल जहां स्थित है, उसके 20 किलोमीटर के के दायरे में ही स्कूली वाहनों को एरिया परमिट जारी की जाएगी। यूपी सरकार की तरफ से यह फैसला पैरेंट्स की शिकायत पर लिया गया है। अक्सर देखा जाता है था कि बच्चे समय पर स्कूल से घर नहीं पहुंच पाते थे, इसके चलते उन्हें तमाम स्वास्थ्य चुनौतियों से भी जूझना पड़ता था।

नियम का उल्लंघन करने पर खत्म होगी परमिट
इस संबंध में जानकारी देते हुए वाराणसी के एक अधिकारी ने बताया उनकी ओर से सभी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही चेकिंग करके उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है। यह अभियान अगले 2 महीने तक कराया जाएगा। वहीं, इसके बाद भी अगर नियम का उल्लंघन कोई स्कूल करेगा तो उसके खिलाफ 20 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। या फिर गाड़ी की परमिट निरस्त कर दी जाएगी।

बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह होता था प्रभावित
बच्चे को स्कूली वाहन से स्कूल से घर आने में 2 से 3 घंटे का समय लग जाता है। बस में या फिर वैन में ज्यादा देर बैठने की वजह से बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित होता है। इससे बच्चे में चिड़चिड़ापन आ जाता है और वो स्कूल आने-जाने के लिए भी आनाकानी करते हैं। इसी की वजह से अभिभावकों की तरफ से सरकार से शिकायत की गई थी।

स्कूल भी पेरेंट्स को करेंगे जागरूक
वाराणसी ARTO के मुताबिक स्कूलों ने भी अपने पेरेंट्स-टीचर के वॉट्सऐप ग्रुप से लोगों को अवेयर कर दिया है। जल्द ही आरटीओ की ओर से शिकायत के लिए एक नंबर जारी किया जाएगा। किसी भी परेशानी के पेरेंट्स अपनी शिकायत इन टोल फ्री नंबर दर्ज करा सकेंगे। पेरेंट्स हर शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।

ये हैं गाइडलाइंस की महत्वपूर्ण बातें
- स्कूली वाहनों के साथ ही ड्राइवर का रजिस्ट्रेशन जरूरी ।
- 5 वर्ष पुराना ड्राइविंग लाइसेंस होना ड्राइवर के पास होगा जरूरी।
- ड्राइवर के अपराधिक इतिहास की होगी जांच
- सुरक्षा की दृष्टि से वाहन में अनुभवी पुरुष और महिला सहायक साथ होंगे।
- बस के कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करना होगा।
- चालक निर्धारित गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार नहीं बढ़ाएंगे।
- वाहन से जाने-आने वाले बच्चों की लिस्ट भी चस्पा होगी।
- बसों में दो इमरजेंसी गेटों की व्यवस्था करनी होगी।












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