39 जातियों को ओबीसी सूची में डाल सकती है यूपी सरकार, पिछड़ा वर्ग आयोग भेजेगा अपनी सिफारिशें
लखनऊ, 15 अगस्त: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले संसद में ओबीसी आरक्षण संबंधी विधेयक पास हो गया है। अब यूपी की योगी सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले योगी सरकार 39 जातियों को ओबीसी कैटेगरी में डाल सकती है। इसमें सरकार अपना चुनावी लाभ भी तलाश रही है। इस संबंध में हाल ही में यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग की एक बैठक हुई थी जिसमें यह तय किया गया कि आयोग की तरफ से एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगा। सरकार ही तय करेगी की इन जातियों को ओबीसी की श्रेणी में शामिल करना है या नहीं।

अगले साल होने वाले चुनाव से पहले यूपी में जातिगत समीकरण का मुददा काफी छाया हुआ है। बसपा से लेकर सपा तक सब अलग अलग सम्मेलनों का सहारा ले रही है। ब्राह्मणों को लुभाने के लिए मायावती जहां प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन कर रही हैं वहीं सपा भी इसी तरह के सम्मेलन कर जातियों के भीतर अपनी पैठ बनाने में जुटी है। इस बीच केंद्र सरकार में पारित ओबीसी आरक्षण बिल ने राज्यों को वह अधिकार दे दिया है कि वो अपने स्तर पर ही यह फैसला कर सकती हैं कि किस जाती को ओबीसी में शामिल करना या नहीं।
यूपी पिछड़ा वर्ग सरकार को जल्द भेजेगा अपनी सिफारिशें
केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद ही यूपी की योगी सरकार हरकत में आ गई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने उन जातियों की सूची तैयार कर सर्वे कराना शुरू कर दिया है कि किस जाति को ओबीसी सूची में डाला जा सकता है। अधिकारियों की माने तो आयोग की तरफ से अब तक 39 जातियों का चयन किया गया है जिसमें से 24 जातियों के बारे में सर्वे हो चुका है और बाकी 15 जातियों के बारे में अभी सर्वे कराया जा रहा है। एक बार सर्वे पूरा होने के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन के पास इन जातियों को ओबीसी सूची में शामिल करने की सिफारिश करेगा। उसके बाद योगी सरकार को यह तय करना है कि इन जातियों को सूची में शामिल किया जा सकता है या नहीं।
70 जातियों ने किया ओबीसी में शामिल होने का आवेदन
अयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी के मुताबिक प्रतिनिधित्व के आधार पर जातियों का सामाजिक, आर्थिक समेत 35 विन्दुओं पर सर्वेक्षण कराया जा रहा है कि कौन सी जातियां इसमें शामिल किए जाने के योग्य हैं। हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला सरकार को ही लेना है। आयोग के पास कुल 70 जातियों ने ओबीसी में शामिल होने के लिए आवेदन किया है। सबका अध्ययन किया जा रहा है उसके बाद ही उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
हालांकि जातियों के इस सर्वेक्षण को विपक्ष ने चुनावी हथकंडा बताया है। सपा के प्रवक्ता राजीव राय ने कहा कि सरकार के पास करने को कुछ नहीं है। वह जातियों को लुभाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। लेकिन जनता इनकी सच्चाई जानती है और उनको चुनाव में जवाब दे देगी। चाहे जितनी सिफारिशें कर दें लेकिन जनता इनके बहकावे में आनी वाली नहीं है।












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