UP: Ground Breking Ceremony की तैयारियों में जुटी सरकार, जमीन पर उतरेंगी 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब सरकार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी की तैयारी में जुट गई है। हालांकि यह अभी तीन महीने दूर है लेकिन सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

first ground-breaking ceremony in UP: उत्तर प्रदेश में पहले ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह में अब सिर्फ चार महीने बचे हैं। सरकार के वरिष्ठ अधिकरियों की माने तो इस ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। ये परियोजनाएं फरवरी के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि सभी 25 क्षेत्रीय नीतियों के तहत निवेशकों को भारी सब्सिडी मिलेगी।
दो लाख करोड़ का निवेश जमीन पर उतरने को तैयार
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 371 निवेशकों से पुष्टि पहले ही प्राप्त हो चुकी है। इसके तहत 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल निवेश की 519 परियोजनाओं जमीन पर उतरने के लिए तैयार हैं। अधिकारियों का दावा है कि जैसे जैसे सभी विभागों की तरफ से जानकारी मिलेगी ये संख्या और बढ़ती चली जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि,
सभी विभाग अपने क्षेत्रों के तहत पंजीकृत परियोजनाओं के लिए निवेशकों के साथ नियमित संपर्क में हैं और यह राशि ग्राउंडब्रेकिंग समारोह के समय कई गुना बढ़ जाएगी। जिन विभागों ने खाद्य प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा, विनिर्माण, खेल, एमएसएमई जैसे क्षेत्रों पर क्षेत्रीय नीतियां तैयार की हैं। उन्हें अधिसूचित करने का काम पूरा कर लिया है और इसलिए निवेशक सरकार की पहल का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
दस लाख करोड़ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन में कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी 35 विभागों के अधिकारी उन निवेशकों के साथ बैठक कर रहे हैं जिन्होंने सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इनवेस्ट यूपी रख रहा एमओयू पर नजर
प्रत्येक विभाग जिसके तहत समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, उनको आगामी ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह की परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने एमओयू के कार्यान्वयन की सुविधा के लिए इन्वेस्ट यूपी के तहत आठ सहायक इकाइयां स्थापित की हैं।
हर विभाग की प्रगति पर नजर रख रहे अधिकारी
प्रवक्ता ने बताया कि प्रत्येक विभाग की प्रगति पर स्वतंत्र रूप से नजर रखी जा रही है। विभागों को बेहतर निगरानी के लिए चयनित परियोजनाओं और उनकी स्थिति को निवेश सारथी पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। प्रमुख निवेशकों के साथ नियमित रूप से व्यक्तिगत बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों के सामने आने वाली किसी भी समस्या को इन्वेस्ट यूपी की आगामी बैठक के दौरान उठाया जाएगा।
यूपी में आया 34 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पिछले महीने की ग्लोबल इनवेस्टर समिट (UPGIS) का आयोजन किया गया था। सरकार के दावे के मुताबिक यूपी में लगभग 34 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। अब असली चुनौती इस निवेश को धरातल पर उतारने की है जिसको लेकर यूपी सरकार ने कमर कस ली है। सरकार का दावा है कि निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराने क प्रक्रिया तेज कर दी गई है।












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